सोलन/सिरमौर|
हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग में 32 वर्ष सेवाएं देने के बाद ज्ञान सिंह चौहान संयुक्त निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हो गए. जिला सिरमौर के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले जीएस चौहान परवाणु में तैनात थे. इससे पहले उन्होंने जिला सिरमौर, बिलासपुर, शिमला और किन्नौर में भी सेवाएं दीं.
उद्योग विभाग में मैनेजर पद से लेकर संयुक्त निदेशक के पद तक पहुंचे जीएस चौहान ने सरकारी सिस्टम और विभागीय प्रक्रियाओं को आसान व जन हितैषी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की. यही नहीं लोगों को त्वरित और निर्बाध रूप से विभागीय योजनाओं का लाभ मिले, इस पर भी पूरा फोकस किया.
अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने न सिर्फ समाज और क्षेत्र की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किए, बल्कि विषम परिस्थितियों में उद्यमियों का भी मनोबल नहीं गिरने दिया. बड़ी बात ये रही कि उन्होंने लोगों के साथ आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया.
बता दें कि ज्ञान सिंह चौहान की प्राथमिक शिक्षा गांव के स्कूल से हुई. डीएवी देहरादून से उन्होंने एमएससी गणित में परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 1993 में गणित प्रवक्ता के पद पर नियुक्ति हुए. इसी साल वह जिला उद्योग केंद्र में बतौर मैनेजर नियुक्त हुए. बतौर मेंबर सेक्रेटरी सिंगल विंडो उन्होंने 10 साल कार्य किया.
2012 में वह महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पदोन्नत हुए. जबकि 2021 में सरकार ने उनकी सेवाओं को देखते हुए संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नति दी. 31 जनवरी 2025 को वह लंबे सेवाकाल के बाद उनकी सम्मानजनक सेवानिवृत्ति हुई.
इस मौके पर ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि पूरी सर्विस के दौरान उन्हें सरकार, उच्चाधिकारियों व उद्यमियों के साथ साथ लोगों से भी भरपूर सहयोग और प्यार मिला, इसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया.