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कल्याण विभाग की 6 समितियों की बैठकों में DC हमीरपुर का सख्त एक्शन, जारी किए ये निर्देश

DC गंधर्वा राठौड़ ने शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों तथा अधिनियमों से संबंधित छह अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता की।

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हमीरपुर : DC गंधर्वा राठौड़ ने शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों तथा अधिनियमों से संबंधित छह अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता की। जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिला में लगभग 5260 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड प्रदान किए गए हैं और इन्हें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों, कार्यालयों और शौचालयों इत्यादि में दिव्यांगों के लिए निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। मेडिकल कालेज अस्पताल में मेडिकल या अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए भी दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध होने चाहिए।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में अधिनियम के तहत 26 एफआईआर हुई हैं। इनमें से 13 मामलों की जांच जारी है और 3 मामलों के चालान पेश कर दिए गए हैं। 11 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने पुलिस और अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की जांच और अभियोजन में विलंब नहीं होना चाहिए। विभिन्न अदालतों में पहले से लंबित 28 मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई।

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राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता स्वभाविक रूप से इन बच्चों के संरक्षक होते हैं, लेकिन 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ऐसे लोगों के लिए कानूनी संरक्षकों की नियुक्ति आवश्यक होती है। जिला में अभी तक 211 ऐसे दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस तिमाही के दौरा समिति को कोई नया आवेदन नहीं मिला है।

नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नियमित रूप से जागरुकता गतिविधियां आयोजित करने तथा इनकी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कल्याण अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप देने उपमंडल और पंचायत स्तर पर गठित कमेटियों की सक्रियता बहुत जरूरी है। सभी तहसील कल्याण अधिकारी इस संबंध में एसडीएम और बीडीओ के साथ समन्वय स्थापित करें।

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अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग अल्पसंख्यक वर्गों के पात्र लोगों को चिह्नित करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें। हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के अंतर्गत गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला में पुराने ढंग से मैला ढोने की कुप्रथा नहीं है। उन्होंने कहा कि सेप्टिक टैंकों, शौचालयों और नालियों की सफाई करने वाले कर्मचारियों की के पास सभी आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा किट होनी चाहिए तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच की जानी चाहिए।

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उक्त सभी समितियों की बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में एसपी बलवीर सिंह, एसडीएम भोरंज शशिपाल शर्मा, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा उक्त समितियों के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित रहे।