HomeHimachalबच्चों को संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देगी हिमाचल "सरकार", CM ने...

बच्चों को संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देगी हिमाचल “सरकार”, CM ने दिए ये निर्देश

सीएम सुक्खू ने गेस्ट टीचर नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि इस नीति से पठन-पाठन की प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी. शैक्षणिक संस्थान के नियमित अध्यापक के छुट्टी पर जाने की स्थिति में योग्य अध्यापकों की सेवाएं ली जाएंगी

शिमला: शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में संवैधानिक मूल्यों से संबंधित सामग्री का समावेश किया जाएगा. प्रदेश सरकार छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ कर्त्तव्यों और दायित्वों के बारे में उन्हें शिक्षित करने को विशेष अधिमान दे रही है.

सुक्खू ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 6-6 स्कूलों को सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा. इनमें पर्याप्त स्टाफ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. उन्होंने अधिकारियों को इन स्कूलों को स्थापित करने के लिए सभी औपचारिकताएं समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने इनके प्रशासनिक नियंत्रण के लिए भी मापदंड तैयार करने को कहा. उन्होंने कहा कि इन सभी स्कूलों के माध्यम से एक सशक्त आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा.

ये भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश 31 मार्च, 2026 तक होगा हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापितः मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों के लिए वर्ष भर की गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक दिन की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों का विवरण होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर युक्तिकरण की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है. इसके तहत आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ अध्यापकों की तैनाती से संबंधित सकारात्मक व नवोन्मेषी उपाय किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल के मुख्याध्यापक व प्रधानाचार्य को छुट्टी पर जाने वाले अध्यापकों की सूचना नियमित रूप से उप-निदेशक कार्यालय को प्रेषित करनी होगी. इससे स्कूलों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

ये भी पढ़ें:  जिला ऊना में 43 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां पुनरीक्षण के लिए जारी : DC

सुक्खू ने गेस्ट टीचर नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि इस नीति से पठन-पाठन की प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी. शैक्षणिक संस्थान के नियमित अध्यापक के छुट्टी पर जाने की स्थिति में योग्य अध्यापकों की सेवाएं ली जाएंगी. इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महाविद्यालयों में भी युक्तिकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. महाविद्यालयों में नए विषयों के समावेश के साथ-साथ उनका युक्तिकरण भी किया जा रहा है.

बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा आशीष कोहली, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत सिंह और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

ये भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री जनमत खो चुके हैं, बौखलाहट में भाजपा नेतृत्व पर कर रहे अनर्गल टिप्पणी: राकेश जमवाल
Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Desk
"आपकी बात न्यूज़" एक लोकप्रिय हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है, जो राजनीति, समसामयिक घटनाओं, मनोरंजन, खेल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर ताजे अपडेट्स प्रदान करता है।

Latest Articles

Explore More