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कुत्ते के मुंह में कैसे पहुंचा इंसान का कटा अंग, अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इस भयावह दृश्य को देखकर वहां मौजूद तीमारदारों और मरीजों के होश उड़ गए और देखते ही देखते इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, चमियाणा से रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया है। मंगलवार सुबह अस्पताल परिसर में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक आवारा कुत्ता इंसानी शरीर की एक कटी हुई टांग को अपने जबड़ों में दबाकर टहलता हुआ दिखाई दिया। इस भयावह दृश्य को देखकर वहां मौजूद तीमारदारों और मरीजों के होश उड़ गए और देखते ही देखते इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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अस्पताल की आंतरिक जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे प्रबंधन की भारी कोताही की ओर इशारा करते हैं। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुधीर शर्मा के अनुसार यह अंग 19 फरवरी को सीटीवीएस विभाग में हुई एक सर्जरी के दौरान मरीज के शरीर से अलग किया गया था। नियमानुसार इसे बायोमेडिकल वेस्ट के तौर पर सुरक्षित पैक करके डिस्पोजल के लिए निर्धारित परिसर में रखा गया था। हालांकि, 21 फरवरी की रात सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरा घर का दरवाजा खुला छोड़ने की वजह से सुरक्षा में चूक हुई और आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान कुत्ते ने बैग फाड़कर अंग निकाल लिया। हालांकि कर्मचारियों ने अगले दिन खाली बैग मिलने पर इसकी तलाश की थी, लेकिन वे इसे ढूंढने में नाकाम रहे और अंततः 24 फरवरी को वही कुत्ता टांग के साथ अस्पताल में खुलेआम घूमता पाया गया।

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इस शर्मनाक और डरावनी घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 21 फरवरी की रात ड्यूटी पर तैनात सफाई कर्मचारियों और सैनिटेशन सुपरवाइजर को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, बायोमेडिकल कचरा उठाने वाली निजी कंपनी और सैनिटेशन ठेकेदार को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है। डॉ. शर्मा ने स्वीकार किया है कि इस घटना से संस्थान की छवि को गहरा धक्का लगा है।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वेस्ट कॉम्प्लेक्स की जिम्मेदारी किसके पास थी, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर सख्त व्यवस्था की मांग उठ रही है।

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