नाहन|
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के नामी शिक्षण संस्थान के निदेशक पद पर रहते हुए अपने ही संस्थान की एक महिला कर्मी से छेड़छाड़ और किडनैपिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद आरोपी बुधवार शाम पुलिस जांच में शामिल हो गया है. नाहन महिला पुलिस थाना में पूर्व निदेशक मनोज राठी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में सुप्रीम कोर्ट से अगली सुनवाई तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक मिलने के बाद ही आरोपी जांच में शामिल हुआ है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 7 मार्च 2025 को होगी.
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही आरोपी ने जांच में सहयोग करने का फैसला लिया. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी को आदेश जारी कर मनोज राठी को राहत दी थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह आदेश अब प्राप्त हुए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 7 मार्च 2025 तक जवाब दाखिल करने के आदेश भी दिए हैं. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) से संबंधित है. मनोज राठी ने हाईकोर्ट के 24 जनवरी 2025 के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
बता दें कि गत 15 जनवरी को महिला पुलिस थाने में शहर के नामी एक शिक्षण संस्थान में कार्यरत एक महिला कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने यह केस दर्ज किया था. पीड़ित महिला कर्मी के साथ यह घटना 14 जनवरी को सामने आई थी.
शिकायत के मुताबिक संस्थान में निदेशक के पद पर तैनात आरोपी उक्त महिला कर्मी को संस्थान की नाहन शाखा से ऑफिस के काम के बहाने गाड़ी में बिठाकर जरजा न ले जाकर सीधा उसे शिमला रोड पर किसी सुनसान जगह ले गया था, जहां वह पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें करने लगा. बार-बार उसे शराब पीने के लिए भी उकसाया गया. इस पर घबराई पीड़िता ने अपनी लाइव लोकेशन और मैसेज आदि अपने दोस्त को भेजे और अपनी मां के फोन का बहाना बनाकर अपने घर आ गई थी.
इसके बाद उसने पूरी बात अपने घरवालों को बताई, जिसके बाद ये मामला पुलिस के पास पहुंचा. सिरमौर बार एसोसिएशन नाहन आरोपी का केस लड़ने से पहले ही इंकार कर चुकी है. वहीं संस्थान प्रबंधन की तरफ से भी आरोपी को निदेशक पद से निलंबित किया जा चुका है.
महिला थाना में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को जांच में शामिल होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ. इसी बीच पुलिस द्वारा लुक आउट सर्कुलर भी जारी कर दिया गया था.
उधर, एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद आरोपी मनोज राठी पुलिस जांच में शामिल हुए है. पुलिस इस मामले में पहले से ही गहनता से जांच कर रही थी, लेकिन अब आरोपी से सीधे पूछताछ के बाद मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.