शिमला : खाड़ी देशों में जारी अनिश्चितता के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। गैस आपूर्ति को लेकर लोगों में बन रही असमंजस की स्थिति के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रदेश में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। खाद्य आपूर्ति विभाग, तेल कंपनियों और सभी जिलाधीशों को फील्ड में गैस की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखने और समय-समय पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में चल रहे घटनाक्रम पर न तो केंद्र सरकार और न ही प्रदेश सरकार का नियंत्रण है, लेकिन दोनों सरकारें समन्वय के साथ काम कर रही हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर प्रदेश की गैस आपूर्ति पर न पड़े।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही कमर्शियल सिलेंडरों की कमी न हो, इसके लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सरकार के पास कमर्शियल सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जिसे आवश्यकता के अनुसार बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गैस के अवैध भंडारण और कालाबाजारी को रोकने के लिए सिलेंडरों की राशनिंग शुरू की गई है। यदि कोई व्यक्ति गैस की ब्लैक मार्केटिंग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए 25 दिन की कैपिंग भी लागू की गई है। मुख्य सचिव ने लोगों से अपील की कि यदि गैस बुकिंग या आपूर्ति में कोई गंभीर समस्या आती है तो तुरंत संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें।
संजय गुप्ता ने कहा कि सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है और प्रयास किया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश के लोगों को गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।



