जुन्गा रियासत के 200 साल पुराने राजमहल में भीषण अग्निकांड, एक हिस्सा हुआ राख

जुन्गा रियासत के करीब 200 वर्ष पुराने राजमहल में आग लगने से इसका एक हिस्सा पूर्ण रूप से अग्नि की भेंट चढ़ गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस अग्निकांड में राजमहल की प्राचीन नक्काशी और विरासत राख हो गई।

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शिमला : जुन्गा रियासत के करीब 200 वर्ष पुराने राजमहल का एक हिस्सा पूर्ण रूप से आग की भेंट चढ़ गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस अग्निकांड में राजमहल की प्राचीन नक्काशी और विरासत राख हो गई।

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बता दें कि पुराना जुन्गा में प्राचीन राजमहल तत्कालीन क्योंथल रियासत की करीब दो सदी पुरानी एक ऐतिहासिक धरोहर है। इस रियासतकालीन महल में पिछली एक सदी से कोई नहीं रह रहा था। राजमहल के एक हिस्से में अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। इसके बाद स्थानीय लोग भारी संख्या में आग बुझाने के लिए एकत्रित हो गए। सूचना मिलने ही तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा पुलिस, होमगार्ड की टीमों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। आग लगने के करीब एक घंटे बाद शिमला से फायर ब्रिगेड के वाहन घटनास्थल पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया।

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राजपरिवार के एक सदस्य पंकज सेन ने बताया कि यह क्योंथल रियासत की एक ऐतिहासिक धरोहर थी, जो निकट भविष्य में पर्यटकों के दर्शनार्थ एक धरोहर स्थल बन सकती थी, पंरतु आग लगने से इसका अस्तित्व मिट गया है। उन्होंने बताया कि इस राजमहल में देवता जुन्गा के 22 टीका का मंदिर (पौल) था और इसी हिस्से में आग लगी।

उन्होंने बताया कि करीब एक सदी पहले क्योंथल रियासत का राजमहल नए जुन्गा में शिफ्ट हो गया है, जहां पर एक सदी से क्योंथल रियासत के शासक निवास करते हैं।

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