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चायल कोटी काॅलेज में काॅमर्स और गणित विषय बहाल नहीं हुए तो होगा आंदोलन: डाॅ. तंवर

हिमाचल किसान सभा के राज्यध्यक्ष डाॅ. कुलदीप तंवर ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि इस काॅलेज को खोलने के लिए किसान सभा ने 2010 से लेकर 2013 तक कड़ा संघर्ष किया था, जिसके चलते कई कार्यकर्ताओं पर विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करने पर मुकदमे भी दर्ज हुए थे।

शिमला : हिमाचल प्रदेश किसान सभा ने सरकार से आग्रह किया है कि राजकीय डिग्री काॅलेज चायल कोटी में काॅमर्स और गणित विषय को तुरंत बहाल किया जाए, अन्यथा किसान सभा आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी। हिमाचल किसान सभा के राज्यध्यक्ष डाॅ. कुलदीप तंवर ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि इस काॅलेज को खोलने के लिए किसान सभा ने 2010 से लेकर 2013 तक कड़ा संघर्ष किया था, जिसके चलते कई कार्यकर्ताओं पर विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करने पर मुकदमे भी दर्ज हुए थे।

डाॅ. तंवर ने कहा कि कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र के एक मात्र डिग्री काॅलेज से काॅमर्स और गणित विषय बंद किया जाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि इन विषयों के बंद होने से काॅलेज में विद्यार्थियों की संख्या घट जाएगी और यह काॅलेज बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र से सुक्खू सरकार में काबीना मंत्री होते हुए भी इस काॅलेज में दो विषय बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मंत्री का नैतिक कर्तव्य बनता था कि इस काॅलेज में दो विषय बंद करने के बजाय साइंस विषय आरंभ किया जाना चाहिए था, ताकि इस क्षेत्र से बच्चे विज्ञान विषय की पढ़ाई करके डाॅक्टर, वैज्ञानिक और इंजीनियर बनते।

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डाॅ. तंवर ने बताया कि एक सर्वें के अनुसार जुन्गा क्षेत्र की 12 पंचायतों में अच्छे शिक्षित व्यक्तियों की संख्या औसतन 4 प्रतिशत है, जबकि हमीरपुर जिला में यह 40 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी बताया कि जुन्गा तहसील में अनुसूचित जाति वर्ग की संख्या औसतन काफी ज्यादा है। इस क्षेत्र में साधन संपन्न लोग बहुत कम हैं। शिक्षा संसाधनों के अभाव से इस क्षेत्र से बहुत कम लोग उच्च पदों पर आसीन हैं।

तंवर ने कहा कि इस काॅलेज में दो विषयों को बंद करने की बजाय इसमें व्यवसायिक विषय जैसे पर्यटन, आतिथ्य सत्कार, होटल प्रबंधन जैसे विषय को शामिल किया जाना चाहिए, जिससे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के उपरांत स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के चायल कोटी काॅलेज का उद्घाटन के दौरान किसान सभा ने इस काॅलेज में साइंस विषय आरंभ करने की मांग की थी। सीएम ने साइंस विषय की घोषणा करने की बजाय बीएड की घोषणा की, जो दो वर्षों में भी पूरी नहीं हुई है।

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Aapki Baat News Desk
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