शिमला : राजकीय महाविद्यालय चायल कोटी में संगीत विभाग के सौजन्य से आयोजित दो दिवसीय अंतर-विभागीय सांस्कृतिक उत्सव ‘स्पंदन 2026’ का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और फाइन आर्ट की विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जबकि प्राचार्या डॉ. दीपशिखा भारद्वाज ने मुख्यातिथि के रूप में विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए।

उत्सव के अंतर्गत एकल गायन, एकल नृत्य, युगल नृत्य और सामूहिक नृत्य प्रतियोगिताओं के साथ पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। संगीत गायन में मनोज कुमार और चिराग ने लोक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। एकल नृत्य में अंशिका, तनिषा, अबिता, मीनाक्षी, मुस्कान और दीक्षा ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। युगल नृत्य में अंजलि और रमा, स्मृति और नितिका, मुस्कान और दीक्षा, तन्वी और मुस्कान तथा मीनाक्षी और अमन की प्रस्तुतियां सराही गईं, जबकि हिमाचली नाटी में रमा के समूह और भावना के समूह ने शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता परिणामों में एकल नृत्य में अबिता ने प्रथम, मीनाक्षी ने द्वितीय और दीक्षा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युगल लोक नृत्य में मीनाक्षी और अमन प्रथम, स्मृति और नितिका द्वितीय तथा अंजलि और रमा तृतीय रहे। युगल अर्धशास्त्रीय नृत्य में दीक्षा और मुस्कान की जोड़ी प्रथम, तन्वी और मुस्कान की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। हिमाचली नाटी में रमा के समूह ने प्रथम और भावना के समूह ने द्वितीय स्थान हासिल किया। पोस्टर मेकिंग में वैभव शर्मा प्रथम, रमा द्वितीय और अंकुश तृतीय रहे, जबकि रंगोली में दीपिका और अंबिका की टीम प्रथम, सिमरन और स्मृति द्वितीय व अबिता और मीनाक्षी तृतीय स्थान पर रहीं।
प्राचार्या डॉ. दीपशिखा भारद्वाज ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को मंच मिलता है, जिससे उनकी छिपी प्रतिभा सामने आती है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। संगीत विभाग के सहायक आचार्य डॉ. हेमंत शर्मा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। संगीत श्रेणी में निर्णायक मंडल में डॉ. अजय कुमार, डॉ. सुरेश कुमार और प्रो. देवेंद्र सिंह रहे, जबकि फाइन आर्ट श्रेणी में डॉ. सुभाष काप्टा, प्रो. अमृत सिंह मेहता, प्रो. इंद्र प्रकाश नेगी, डॉ. सुशील कुमार मेहता और डॉ. बोबीजा ने जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम का मंच संचालन अदिति ने किया और शेरो-शायरी के माध्यम से श्रोताओं को बांधे रखा।



