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हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर कसेगा शिकंजा, इन राज्यों के नियमों को लागू करने की तैयारी

सरकार ने स्कूल शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन राज्यों की फीस नियंत्रण पॉलिसी का अध्ययन कर हिमाचल के लिए प्रस्ताव तैयार करें। जब तक नए नियम संशोधित अथवा लागू नहीं होते, तब तक...

शिमला : प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा हर साल मनमाने तरीके से बढ़ाई जा रही फीस को लेकर सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने यूपी, कर्नाटक, तमिलनाडु और हरियाणा की तर्ज पर नई पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत नियमों के खिलाफ फीस बढ़ाने पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जाएगा।

सरकार ने स्कूल शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन राज्यों की फीस नियंत्रण पॉलिसी का अध्ययन कर हिमाचल के लिए प्रस्ताव तैयार करें। जब तक नए नियम संशोधित अथवा लागू नहीं होते, तब तक सभी जिलाधीशों को निजी स्कूलों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। खासतौर पर एडमिशन के दौरान फीस बढ़ोतरी के रिकॉर्ड की जांच पर जोर रहेगा।

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निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी स्कूल ने 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाई है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा डीसी टीम गठित कर उसे स्कूलों में औचक निरीक्षण और छापेमारी के लिए भेज सकते हैं, जिसमें वेलफेयर फंड और अन्य फीस की वसूली की भी जांच होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।

दरअसल, प्रदेशभर से अभिभावकों द्वारा हर साल फीस दोगुनी तक बढ़ाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, ताकि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ न बढ़े।

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शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए अनिवार्य हैं। यदि कोई स्कूल इन सीटों पर दाखिला नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रदेश में निजी स्कूलों की निगरानी हिमाचल प्रदेश रेगुलेशन एक्ट 1997 के तहत की जाती है। इस कानून के तहत निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाती है। मौजूदा व्यवस्था में प्राइवेट स्कूलों की फीस निर्धारण सरकार नहीं करती है। हालांकि, फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है और स्कूल शिक्षा निदेशालय संबंधित स्कूल की एनओसी रद्द कर सकता है। अब यदि नए नियम हिमाचल प्रदेश में लागू होते हैं तो मनमानी फीस पर पूर्णतया रोक लगेगी।

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Aapki Baat News Desk
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