HomeHimachalShimlaसुक्खू सरकार पर बरसे जमवाल, बोले- IAS-IPS का कैडर घटाकर 200 करोड़...

सुक्खू सरकार पर बरसे जमवाल, बोले- IAS-IPS का कैडर घटाकर 200 करोड़ बचाने का दावा जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा

राकेश जमवाल ने कहा कि सामने आई जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार आईएएस कैडर को 153 से घटाकर 130 और आईपीएस कैडर को 118 से घटाकर 83 करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

शिमला : भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश में आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) अधिकारियों का कैडर घटाने के प्रदेश सरकार के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं, वित्तीय कुप्रबंधन और कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए छोटे-छोटे फैसलों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। सरकार का यह रवैया “नाखून कटाकर शहीद होने” जैसा है।

राकेश जमवाल ने कहा कि सामने आई जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार आईएएस कैडर को 153 से घटाकर 130 और आईपीएस कैडर को 118 से घटाकर 83 करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आईएफएस अधिकारियों का कैडर भी कम किए जाने की बात सामने आई है। सरकार दावा कर रही है कि अधिकारियों की संख्या कम करने से करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की जनता को बताए कि कुछ अधिकारियों का कैडर घटाने मात्र से 200 करोड़ रुपये की बचत का गणित आखिर क्या है? “क्या आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को कम कर देने से हिमाचल की आर्थिक बदहाली समाप्त हो जाएगी? यदि सरकार वास्तव में खर्च कम करना चाहती है तो अपनी फिजूलखर्ची, वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश क्यों नहीं लगाती?”

ये भी पढ़ें:  सिरमौर में 46वीं सीनियर स्टेट बास्केटबॉल चैंपियनशिप का शानदार आगाज, इन टीमों में ऐसे खिलाड़ी जो बने निर्णायक क्षणों के असल हीरो

अफसरों का हिमाचल छोड़ना गंभीर संकेत, सरकार बताए क्यों बना घुटन का माहौल
राकेश जमवाल ने कहा कि इससे भी गंभीर विषय यह है कि हिमाचल प्रदेश के अनेक वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकार इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था के कारण प्रशासनिक तंत्र में घुटन का वातावरण बनता जा रहा है। योग्य और अनुभवी अधिकारी ऐसी व्यवस्था में स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं और हिमाचल से बाहर जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें:  नगर पंचायत राजगढ़ में अध्यक्ष विक्रम जेलदार और उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

जमवाल ने कहा, “सरकार कैडर कम करने को उपलब्धि बता रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि अधिकारी हिमाचल में काम क्यों नहीं करना चाहते? आखिर ऐसा क्या वातावरण बना दिया गया है कि अनुभवी अधिकारी प्रदेश छोड़कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं?”

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। यदि प्रशासनिक अधिकारियों का सरकार की कार्यप्रणाली से भरोसा उठने लगे और वे यहां काम करने के बजाय बाहर जाने को बेहतर विकल्प समझने लगें, तो इसका सीधा प्रभाव शासन और विकास पर पड़ता है।

सरकार पहले अपने खर्च और कार्यप्रणाली का हिसाब दे
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगातार भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के सवाल उठ रहे हैं। सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अफसरों पर राजनीतिक दबाव डालकर या उन्हें ऐसी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनने के लिए मजबूर करके सुशासन नहीं दिया जा सकता। ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को स्वतंत्र और भयमुक्त वातावरण देना सरकार की जिम्मेदारी है।

ये भी पढ़ें:  HIMACHAL: निजी स्कूलों में सिर्फ NCERT/SCERT निर्धारित पाठ्य पुस्तकें होंगी अनिवार्य, उल्लंघना पर कार्रवाई के निर्देश

राकेश जमवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार 100 या 200 करोड़ रुपये बचाने के दावे कर रही है, दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल पर टैक्स और सेस बढ़ाकर जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली, पानी, राशन, बस किराया, सीमेंट और स्टांप ड्यूटी सहित अनेक मदों में जनता का खर्च बढ़ा है।

उन्होंने कहा, “महंगाई और टैक्स के माध्यम से जनता की जेब से पैसा निकालकर फिर 200 करोड़ रुपये की कथित बचत का प्रचार करना आर्थिक सुधार नहीं बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी है।”

Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Deskhttps://aapkibaatnews.com
आपकी बात न्यूज डेस्क देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की हर महत्वपूर्ण खबर को तेज, विश्वसनीय और तथ्यात्मक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, प्रशासन, शिक्षा, अपराध, मनोरंजन और जनसरोकार से जुड़े हर मुद्दे पर सटीक जानकारी और प्रभावशाली प्रस्तुति हमारी प्राथमिकता है, ताकि पाठकों को हर बड़ी अपडेट एक ही मंच पर मिल सके।

Latest Articles

Explore More