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HRTC की बसों में अब मुफ्त सफर नहीं कर सकेंगे स्कूली विद्यार्थी, 1 अप्रैल से ‘हिम बस पास’ अनिवार्य

प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना स्कूल पहुंचने के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बस ही विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचने का मुख्य साधन है। ऐसे में इस नई व्यवस्था का असर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

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शिमला : हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को मिलने वाली निशुल्क बस यात्रा की सुविधा अब पहले जैसी पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए तय किया है कि एक अप्रैल से विद्यार्थियों को HRTC की बसों में सफर करने के लिए ‘हिम बस पास’ बनवाना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के तहत यह पास बनवाने के लिए विद्यार्थियों को 236 रुपये शुल्क देना होगा। अब तक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी बिना किसी शुल्क के बसों में यात्रा कर सकते थे, लेकिन अब बसों में निशुल्क सफर की सुविधा का लाभ लेने के लिए पहले पास बनवाना जरूरी होगा। पास बनने के बाद ही विद्यार्थियों को बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

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प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना स्कूल पहुंचने के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बस ही विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचने का मुख्य साधन है। ऐसे में इस नई व्यवस्था का असर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

निशुल्क बस सेवा के लिए अब शुल्क देकर पास बनवाने की अनिवार्यता आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके एक से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए पास बनवाने का खर्च भी बढ़ जाएगा। इसको लेकर चर्चाएं भी अब शुरू हो गई हैं।

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वहीं सरकार और परिवहन विभाग का कहना है कि बस पास व्यवस्था लागू होने से विद्यार्थियों का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा और बसों में यात्रा करने वाले विद्यार्थियों की संख्या का बेहतर प्रबंधन भी संभव होगा।