नाहन : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नाहन विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने तीखा हमला बोला। नाहन में पत्रकारों से बातचीत में बिंदल ने कहा कि जिला सिरमौर और नाहन विधानसभा क्षेत्र की जनता को मुख्यमंत्री के दौरे से बड़ी उम्मीदें थीं कि इलाके के लिए कुछ ठोस घोषणाएं होंगी, लेकिन मुख्यमंत्री आए और विरोधियों को कोस कर चले गए।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के करीब 40 महीनों के कार्यकाल में सिरमौर जिला को कई जख्म मिले हैं। कांग्रेस के सत्ता में आते ही 50 से ज्यादा संस्थानों पर ताले लगा दिए गए। इसके लिए कांग्रेस विधायक भी उतने ही जिम्मेदार हैं, जितने सरकार के मुखिया। उन्होंने कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र की एक उप-तहसील, पांच पटवार सर्कल, पांच वैटनरी अस्पताल, चार प्राइमरी हेल्थ सेंटर और नौ स्कूल बंद कर दिए गए, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री नाहन आएंगे तो पहले से बंद संस्थानों को खोलने की घोषणा करेंगे और नए संस्थान भी देंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया। सिरमौर जिले का एकमात्र मेडिकल कॉलेज और अस्पताल निर्माण कार्य पिछले साढ़े तीन साल से बंद पड़ा है, जिसका खामियाजा जिले की जनता भुगत रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए हजारों मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए 261 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भवन का कार्य बंद करा दिया गया।
उन्होंने बताया कि माता एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा 20 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। अस्पताल निर्माण का स्थान तय होने और नक्शा फाइनल होने के बावजूद 40 महीनों में काम शुरू नहीं होना गर्भवती महिलाओं के साथ अन्याय है। वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में नाहन के लिए नर्सिंग कॉलेज का प्रावधान किया गया था और इसके लिए 70 करोड़ रुपये का बजट भी तय हुआ, लेकिन आज तक नर्सिंग कॉलेज की एक भी ईंट नहीं लग पाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने मेडिकल सुविधाओं को पूरी तरह प्रभावित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि नाहन अस्पताल में सुधार की स्थिति भी चिंताजनक है। अस्पताल में 25 वेंटिलेटर मौजूद हैं, लेकिन सभी बंद पड़े हैं। सीटी स्कैन के लिए मरीजों को दो से तीन सप्ताह तक इंतजार करना पड़ता है और अभी तक एक भी एमआरआई मशीन नहीं लग पाई है। अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए नियोनेटोलॉजी यूनिट शुरू नहीं हो सकी।
कैंसर मरीजों के लिए पूरी व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई, नया ऑपरेशन थियेटर नहीं बन पाया और हृदय रोगियों के लिए भी कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा है। इस मौके पर पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी भी मौजूद रहे।



