राजगढ़ : जिला सिरमौर के राजगढ़ शहर की गंभीर पेयजल समस्या के समाधान के लिए तैयार की गई पैरवी खड्ड उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। करीब 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब यह योजना शीघ्र ही चालू की जाएगी, जिससे शहर को नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति संभव हो सकेगी। अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग मंडल राजगढ़ अजय वर्मा ने योजना के पूर्ण होने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसके शुरू होने से आने वाले कई वर्षों तक शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा।

राजगढ़ शहर में लंबे समय से चली आ रही जल संकट की स्थिति को देखते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना की आधारशिला वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रखी थी। इसके बाद सरकार बदलने और प्रशासनिक कारणों से योजना का कार्य धीमा पड़ गया। निर्माण के दौरान वन भूमि से जुड़ी अनुमति की अड़चन सामने आई, जिसके चलते वन मंत्रालय से स्वीकृति मिलने में काफी समय लगा। इन्हीं कारणों से योजना को पूरा होने में लगभग 10 वर्ष का समय लग गया।
सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग राजगढ़ सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन-2 (अमृत) के तहत इस योजना पर कुल 6.03 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इस योजना से राजगढ़ शहर की करीब 4500 आबादी को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पैरवी खड्ड से छह इंच पानी को दो चरणों में लिफ्ट किया जाएगा। पहले चरण में 50 एचपी क्षमता के पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर 1.50 लाख लीटर क्षमता वाले भंडारण टैंक में संग्रहित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 240 एचपी क्षमता के दो पंपों की सहायता से पानी को आगे लिफ्ट कर राजगढ़ रेस्ट हाउस के समीप बने 3 लाख लीटर क्षमता वाले टैंक में पहुंचाया जाएगा, जिससे नगर पंचायत क्षेत्र में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा के दौरान इस योजना को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद विभाग द्वारा कड़ी मेहनत के साथ कार्य को पूरा किया गया। इस दौरान समयबद्ध ट्रांसफार्मर स्थापित करने में बिजली बोर्ड के अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। वर्तमान में राजगढ़ शहर को कंडा नाला पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे केवल दो से ढाई इंच पानी ही मिल पाता है, जो शहर की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। नई पैरवी खड्ड योजना के शुरू होने से शहर को छह इंच पानी उपलब्ध होगा, जबकि कंडा नाला योजना विभाग के पास वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि योजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रेपिड सैंड फिल्टर लगाया गया है, ताकि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मिल सके। विभाग के अनुसार योजना के लोकार्पण के बाद राजगढ़ शहरवासियों को लंबे समय से चली आ रही जल समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।



