संगड़ाह (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद नौहराधार-चाबधार सड़क का बस ट्रायल सफल हो गया है। तकनीकी फिटनेस कमेटी ने सड़क का निरीक्षण कर इसे वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त माना है। अब अंतिम स्वीकृति के लिए मामला प्रदेश सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही श्रद्धालु अपने निजी वाहनों के साथ चाबधार तक पहुंच सकेंगे, जिससे चूड़धार की पैदल यात्रा नौहराधार से 16 किलोमीटर से घटकर करीब 12 किलोमीटर रह जाएगी।
शनिवार को एसडीएम संगड़ाह सुनील कुमार की अध्यक्षता में तकनीकी फिटनेस कमेटी ने 37 सीटर एचआरटीसी बस से नौहराधार से चाबधार तक करीब 8 किलोमीटर सड़क का ट्रायल किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग, पुलिस, एचआरटीसी और वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। ट्रायल सफल रहने के बाद सड़क को वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त मानते हुए अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
यह सड़क स्थानीय लोगों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। करीब एक दशक पहले ग्रामीणों ने इस सड़क की मांग को लेकर पैदल मार्च करते हुए शिमला तक यात्रा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दी। सड़क निर्माण में लगभग तीन वर्ष लगे और पिछले वर्ष सड़क तैयार हो गई, लेकिन तकनीकी ट्रायल और फिटनेस मंजूरी न मिलने के कारण इस पर नियमित वाहन संचालन शुरू नहीं हो पाया था।
सड़क बनने से चूड़धार ट्रैक का सबसे कठिन हिस्सा यानी पहला पड़ाव अब वाहन मार्ग में बदल गया है। पहले श्रद्धालुओं को यात्रा की शुरुआत में ही खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती थी, जिससे काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी। अब वाहन सीधे चाबधार तक पहुंचेंगे और वहां से केवल 12 किलोमीटर का ट्रैक शेष रहेगा। इससे यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि एक ही दिन में चूड़धार दर्शन कर लौटना भी पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
एसडीएम संगड़ाह सुनील कुमार ने बताया कि तकनीकी फिटनेस कमेटी ने सड़क का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सड़क को वाहनों के लिए उपयुक्त माना गया है और अंतिम स्वीकृति के लिए रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से नौहराधार से चाबधार तक की कठिन चढ़ाई समाप्त हो गई है, जिससे चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से अधिक सुगम और आरामदायक होगी।