नाहन : जिला सिरमौर के नाहन से मंगलवार को इलेक्ट्रिक बसों का सफर शुरू हो गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आईएसबीटी नाहन से ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले दिन ई-बसों की शुरुआत उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल महामाया श्री बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्रीरेणुकाजी रूट से की गई।
प्रदेश सरकार की ई-बस परियोजना के तहत नाहन डिपो को कुल 25 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से 15 बसें पहले चरण में पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष 10 बसें अगले दो सप्ताह के भीतर डिपो को मिल जाएंगी। इन बसों के संचालन के लिए नाहन बस अड्डा, नाहन वर्कशॉप और पांवटा साहिब बस अड्डे पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित कर दिए गए हैं।
बुधवार से ये इलेक्ट्रिक बसें नाहन-पांवटा साहिब, नाहन-कालाअंब-त्रिलोकपुर, नाहन-श्रीरेणुकाजी, सराहां-नाहन-त्रिलोकपुर और पांवटा साहिब-शिलाई रूट पर नियमित रूप से चलेंगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक, प्रदूषण मुक्त और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
इस मौके पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के 10 नए रूट परमिट जारी करेगी। इन रूटों का संचालन करने वाले युवाओं को प्रतिमाह ₹50,000 की ग्रांट भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार ई-मोबिलिटी पर काम कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अजय सोलंकी ने नाहन को ई-बस डिपो के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे सिरमौर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि नाहन डिपो के लिए 75 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई है, जिसे भविष्य में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, एचआरटीसी के अधिकारी और कांग्रेस के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
