नाहन : प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कालाअंब में उद्योगों के सामने खड़ी समस्याओं को लेकर उद्योग जगत ने प्रशासन के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। बरसात से पहले अधूरी सुरक्षा दीवार, बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति, डीजल उपलब्धता में आ रही दिक्कतें और अरसे समय से लंबित विकास कार्यों को लेकर उद्योगपतियों ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इस सिलसिले में मंगलवार को लघु उद्योग भारती कालाअंब इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष अखिल महेश्वरी की अगुवाई में कार्यकारी उपायुक्त सिरमौर एल.आर. वर्मा से नाहन में मिला और क्षेत्र व उद्योगपतियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ज्ञापन सौंपा।
अखिल महेश्वरी ने मारकंडा नदी के किनारे निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि करीब 80 लाख रुपये की लागत से शुरू हुए इस कार्य पर लगभग 55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण अब तक अधूरा है। बरसात का मौसम नजदीक होने से उद्योगों को संभावित नुकसान का खतरा सता रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करवाने का आग्रह किया।
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने ब्लैक मैंगो मार्ग पर खुली नाली की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। उद्योगपतियों के अनुसार नाली पर स्लैब न होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग रखी।
बैठक के दौरान बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अखिल महेश्वरी ने कहा कि कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति और बार-बार होने वाली कटौती के कारण अधिकांश उद्योगों को अपने उत्पादन कार्यों के संचालन के लिए डीजल जनरेटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार रिटेल आउटलेट से उच्च गति डीजल (एचएसडी) की बिक्री प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने का प्रावधान भी रखा गया है।
उन्होंने कहा कि डीजल की सीमित उपलब्धता का सीधा असर उत्पादन, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। इसलिए जनहित और औद्योगिक हित को ध्यान में रखते हुए कालाअंब स्थित उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप डीजल उपलब्ध करवाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्रदान की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र के हित में आवश्यक आदेश और अनुमति जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीजल उपलब्धता की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए या फिर बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाया जाए, ताकि उत्पादन गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रह सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। ऐसे में उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है।
उधर, कार्यकारी उपायुक्त सिरमौर एल.आर. वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीजल उपलब्धता से जुड़े मामले में भी अधिसूचना का अध्ययन कर उचित कदम उठाने की बात कही।
इस मौके पर महामंत्री अश्वनी गर्ग, महासचिव दान सिंह, उपाध्यक्ष राजीव तिवारी, उपाध्यक्ष एस.के. भार्गव, संयुक्त सचिव रितेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव अजय गर्ग, संयुक्त सचिव अमन दुग्गल, कोषाध्यक्ष के.सी. पारीक, किशन एम. कंकानी और विधिक सलाहकार नव रतन देव आदि मौजूद रहे।
