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हिंदी सिर्फ राजभाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान की बुनियाद : डा. शुक्ला

'शब्द उत्सव' के तहत विद्यार्थियों के लिए कई रोचक प्रतियोगिताएं रखी गई हैं, जिनमें निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ, श्रुतलेख, सुलेख और नारा लेखन शामिल हैं। पहले दिन श्रुतलेख, सुलेख, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग और हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

नाहन : डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में बुधवार को राजभाषा हिंदी पखवाड़े का भव्य आगाज हुआ, जिसे ‘शब्द उत्सव’ नाम दिया गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग द्वारा किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला ने कहा कि हिंदी सिर्फ राजभाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान की बुनियाद है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इसे सिर्फ एक विषय के रूप में न देखें, बल्कि अपनी अभिव्यक्ति और ज्ञान का माध्यम बनाएं।

‘शब्द उत्सव’ के तहत विद्यार्थियों के लिए कई रोचक प्रतियोगिताएं रखी गई हैं, जिनमें निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ, श्रुतलेख, सुलेख और नारा लेखन शामिल हैं। पहले दिन श्रुतलेख, सुलेख, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग और हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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इन प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में प्रो. रीना चौहान, डॉ. अनूप, प्रो. सुदेश शर्मा, डॉ. जगदीश चंद, डॉ. प्रियंका वर्मा, डॉ. रविकांत और प्रो. गोपाल शामिल रहे। इस अवसर पर डॉ. देवराज शर्मा, डॉ. जाहिद अली मलिक, डॉ. जगदीश चंद, कार्यक्रम संयोजक डॉ. जय चंद, रीना शर्मा, हिमेन्द्र और अधीक्षक सुरेश शर्मा भी मौजूद रहे।

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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