नाहन : जिला मुख्यालय नाहन की पेयजल व्यवस्था को हर मानसून प्रभावित करने वाली बड़ी समस्या के समाधान की दिशा में जल शक्ति विभाग ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गिरि उठाऊ पेयजल योजना के तहत धौण क्षेत्र के लैंडस्लाइड प्रभावित हिस्से में पाइपलाइन बदलने का कार्य निर्धारित 10 दिन के शटडाउन से पहले ही लगभग पूरा कर लिया गया है। अब केवल एक दिन का कार्य शेष है, जिसके बाद नई पाइपलाइन की टेस्टिंग कर इसे नियमित जलापूर्ति प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता ई. देवानंद पुंडीर ने बताया कि गिरि पेयजल योजना की सबसे बड़ी चुनौती लैंडस्लाइड जोन से गुजरने वाली पाइपलाइन थी। बरसात के दौरान इस हिस्से में बार-बार भूस्खलन होने से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाती थी और शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित होती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग ने करीब 400 से 500 मीटर पाइपलाइन की अलाइनमेंट बदलने के साथ-साथ राइजिंग मेन को भी प्रतिस्थापित किया है।
उन्होंने बताया कि कार्य अब अंतिम चरण में है और केवल एक दिन का काम शेष है। इसके बाद नई पाइपलाइन की टेस्टिंग की जाएगी। परीक्षण सफल रहने पर इसे नियमित जलापूर्ति व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा, जिससे भविष्य में मानसून के दौरान भी शहर की पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने में मदद मिलेगी।
विभाग ने इस कार्य के लिए 10 दिन का शटडाउन लिया था, लेकिन बेहतर योजना और प्रभावी प्रबंधन के चलते अधिकांश काम निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया गया। कार्य को अंजाम देने के लिए विभाग के अधिकारी हर वक्त मौके पर डटे रहे। इस दौरान वैकल्पिक पेयजल योजनाओं के माध्यम से शहर में जलापूर्ति लगभग सामान्य बनाए रखी गई, जिससे लोगों को पानी की गंभीर किल्लत का सामना नहीं करना पड़ा।
बता दें कि गिरि उठाऊ पेयजल योजना के माध्यम से नाहन शहर को प्रतिदिन करीब 36 लाख लीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। वर्षों से लैंडस्लाइड के कारण इस योजना पर संकट बना रहता था, लेकिन अब पाइपलाइन की अलाइनमेंट बदलने के बाद बरसात के मौसम में भी जलापूर्ति अधिक सुरक्षित और सुचारु रहने की संभावना बढ़ गई है।
इस परियोजना के पूरा होने से न केवल शहर की पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि हर वर्ष बारिश के दौरान पैदा होने वाले जल संकट से भी नाहनवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।