
नाहन : शहर के छोटा चौक क्षेत्र में दुर्गंध और बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनकी गली की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां से गुजरने वाले लोगों ने इसे ‘कुत्तों वाली गली’ कहना शुरू कर दिया है।
सोमवार को नगर परिषद की पार्षद संध्या अग्रवाल की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा को एक शिकायत पत्र सौंपा और जल्द से जल्द कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने डीसी को बताया कि गली के आसपास 30 से अधिक आवारा कुत्तों की मौजूदगी के कारण दुर्गंध और गंदगी की समस्या लगातार बनी हुई है। इस गली के सामने बाजार से गुजरने वाले लोगों को भी बदबू से बचने के लिए मुंह ढककर निकलना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति उनके लिए 24 घंटे परेशानी का कारण बनी हुई है।
संध्या अग्रवाल ने कहा कि आवारा कुत्ते अक्सर घरों में घुस जाते हैं और कूड़ा इधर-उधर फैलाने के साथ घरों और आसपास गंदगी करते हैं। इससे इलाके में स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है। वहीं, कुत्तों के खुले में घूमने के कारण बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को लेकर भी लोग चिंतित हैं।
समाजसेवी मनीष अग्रवाल ने कहा कि वे इस समस्या को लेकर नगर निकाय सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कहीं से राहत मिलती नहीं दिख रही है। लिहाजा, लोगों ने मजबूरन जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। वहीं, यहां बाजार के कारोबारी भी इस मसले पर सामने आए। वहीं, दुकानदारों ने भी साफ कहा कि इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। बाजार में बदबू का आलम होने से कोई भी व्यक्ति उनकी दुकान पर खड़ा नहीं हो सकता। खरीदारी तो दूर की बात। ऐसे में उनका कारोबार भी अब चौपट है। लोगों का घरों में रहना तक दुभर हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के साथ गली में दुर्गंध से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उन्हें अब जिला प्रशासन से ही लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद है। उधर, डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जल्द इस संदर्भ में उचित कार्रवाई की जाएगी।