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हिम बस कार्ड न होने पर नाहन में HRTC बस से उतारे 2 पुलिस कर्मी, फिर खड़ा हुआ विवाद

HRTC की बस में मंगलवार को हिम बस कार्ड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस भेजी गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

नाहन : HRTC की बस में मंगलवार को हिम बस कार्ड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस भेजी गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान शिमला जाने वाली बस भी आधे घंटे लेट हो गई। यह घटना नाहन बस स्टैंड पर उस समय हुई, जब गवाही के लिए जा रहे दो पुलिस कर्मियों को ‘हिम बस कार्ड’ न होने के कारण बस से उतार दिया गया। इसकी शिकायत पुलिस कर्मी (एएसआई) ने पुलिस चौकी कच्चा टैंक को दी है।

चौकी को सौंपी शिकायत में पुलिस थाना चौपाल में तैनात एएसआई रविंद्र सिंह ने बताया कि उसे JMFC राजगढ़, जिला सिरमौर में गवाही के लिए जाना था। उनके साथ एएसआई जय सिंह (IRBN धौलाकुआं) भी थे, जिन्हें ACJM कसौली, जिला सोलन में पेशी के लिए जाना था। वह दोनों वर्दी में पांवटा साहिब-शिमला सुपर फास्ट बस में सवार हुए। आरोप है कि बस कंडक्टर ने पुलिस पहचान पत्र दिखाने के बावजूद उनसे किराया मांगा और ‘हिम बस कार्ड’ दिखाने को कहा। उन्होंने कंडक्टर को बताया कि हिम बस कार्ड को लेकर पुलिस विभाग को कोई स्पष्ट आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।

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इसके बाद कंडक्टर ने DDM सिरमौर से फोन पर बातचीत की। कुछ देर बाद DDM राम दयाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने 28 मार्च 2026 के आदेशों का हवाला दिया। इस दौरान रविंद्र सिंह ने अपने पर्यवेक्षक अधिकारी, पुलिस थाना चौपाल से भी फोन पर संपर्क किया, जहां से हिम बस कार्ड को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त न होने की बात सामने आई।

इस बीच DDM द्वारा हिम बस कार्ड का लिंक भेजा, जो अपलोड नहीं हो सका। आरोप है कि इसके बाद दोनों को उनके बैग सहित बस से उतार दिया गया और चालक बस को लेकर वहां से रवाना हो गया। शिकायत में ये भी आरोप है कि DDM ने उन्हें अपनी गाड़ी से आगे बस पकड़ने की मौखिक सलाह दी, लेकिन बाद में उन्हें बस स्टैंड पर छोड़कर प्राइवेट वाहन से जाने को कहा गया।

इस पूरे मामले की शिकायत रविंद्र सिंह ने पुलिस चौकी कच्चा टैंक में दी है। शिकायत में कहा गया है कि 28 मार्च 2026 की अधिसूचना के बावजूद पुलिस विभाग को हिम बस कार्ड बनवाने संबंधी कोई लिखित या मौखिक आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। वहीं, अब यह मामला HRTC में लागू नियमों और विभागीय समन्वय की कमी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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उधर, डीडीएम नाहन रामदयाल ने बताया कि ये मामला मंगलवार सुबह पांवटा साहिब से शिमला जाने वाली सुपरफास्ट बस का है, जो नाहन से पौने 6 बजे शिमला के लिए रवाना होती है। उन्होंने बताया कि संबंधित बस के कंडक्टर का फोन आने पर वह बस स्टैंड पहुंचे और उन्होंने पुलिस कर्मियों को समझाने का प्रयास किया। साथ ही मामले की सारी जानकारी डीसी सिरमौर और एसपी सिरमौर को भी दी।

उन्होंने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों ने बस स्टैंड पर काफी बहस की। इस कारण बस आधे घंटे लेट हुई और बस में सवार यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद सवा 6 बजे नाहन से रवाना करना पड़ा। उन्होंने पुलिस कर्मियों को 28 मार्च की अधिसूचना दिखाई। यही नहीं उन्होंने पुलिस कर्मियों को हिम बस कार्ड का लिंक भी दिया, लेकिन मौके पर उन्होंने अप्लाई नहीं किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को ये भी विकल्प दिया कि यदि उनके पास हिम बस कार्ड अप्लाई करने का कोई मैसेज है तो भी उन्हें बस में जाने को मान्य किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। बताया कि उन्होंने बस में किराया देने भी इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस कर्मियों को भी हिम बस कार्ड बनवाना जरूरी है, जिसमें सरकार ने उन्हें 236 रुपए अदा न करने की छूट दी है।

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वहीं, एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि डीडीएम ने उन्हें मामले की जानकारी दी थी, जिसके बाद कच्चा टैंक के एएसआई को तत्काल मौके पर मामला सुलझाने के लिए भेजा था। सभी तथ्यों को देखते हुए मामले की जांच की जाएगी।

Aapki Baat News Desk
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