धौलाकुआं : क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (RHRTS), धौलाकुआं में मंगलवार को वन महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पांच सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में क्षेत्र के 10 किसान सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन आम की चार किस्मों के 100 पौधों और कागजी नींबू के 145 पौधों का रोपण किया गया।
महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न फलदार प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। इनमें आम की सात किस्मों के 400, लीची की पांच किस्मों के 120, एवोकाडो की तीन किस्मों के 50 और मैकाडेमिया नट की दो किस्मों के 50 पौधे शामिल हैं। इस तरह महोत्सव के दौरान विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।
केंद्र की सह निदेशक डॉ. प्रियंका ठाकुर ने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ पर्यावरण संरक्षण के साथ हरित आवरण बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाने के साथ उनकी उचित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान फल वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. अजेंद्र ने किसानों को आम और अमरूद की वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. सिमरन कश्यप, यंग प्रोफेशनल-II और राकेश, फील्ड असिस्टेंट ग्रेड-I भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल किसानों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के लिए पौधरोपण को बढ़ावा देने तथा लगाए गए पौधों की उचित देखभाल करने का संकल्प लिया।
