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डिस्टोकिया से बछड़े का जन्म, फिर काटनी पड़ी छोटी आंत, 6 घंटे चला आपरेशन, जानिए पूरा मामला

नाहन : जिला सिरमौर के श्रीरेणुकाजी क्षेत्र में पशुपालन विभाग नौहराधार की टीम ने होल्स्टीन फ्रिजियन नस्ल की 9 माह की गर्भवती गाय का लगातार 6-7 घंटे आपरेशन कर उसकी जान बचा ली. क्षेत्र में इस तरह की ये पहली सर्जरी मानी जा रही है. ये मामला संगड़ाह उपमंडल के लानाचेता का है, जहां एक पशुपालक की गर्भवती गाय को 9 दिन से गोबर नहीं आ रहा था. इसकी जानकारी पशु मालिक राजपाल ने पशुपालन विभाग को दी.

लिहाजा, विभाग के नौहराधार चिकित्सालय में तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अमित वर्मा, बोगधार से डा. संजय और फार्मासिस्ट विनोद ने लानाचेता जाकर गाय की केस हिस्ट्री की जानकारी ली. डा. अमित वर्मा ने बताया कि होल्स्टीन नस्ल की गाय गर्भवती थी. कई दिन से गोबर न आने की सूरत में डाक्टरों की टीम ने 18 फरवरी को डिस्टोकिया से बछड़े का प्रसव कराया. उन्होंने बताया कि पशुओं में डिस्टोकिया यानी कठिन प्रसव की स्थिति है.

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डिस्टोकिया में गर्भवती पशु बिना सहायता के बछड़े को जन्म नहीं दे पाता. लिहाजा, गाय के बछड़े को इंजेक्शन की सहायता से निकाला गया. लेकिन इसके दो दिन बाद भी गाय ने गोबर नहीं किया. पहले टीम को लगा था शायद गर्भवती होने से गाय को गोबर करने में दिक्कत आ रही है, लेकिन प्रसव कराने के बाद भी गोबर न आने की सूरत में डाक्टरों ने केस को एग्जामिन किया और पाया कि गाय की छोटी आंत में दिक्कत हो सकती है.

छोटे अस्पतालों में एक्सरे की सुविधा नहीं है. लिहाजा, उन्होंने पशु मालिक को अपना पशु पालमपुर ले जाने की सलाह दी. पशु मालिक ने गाय को सैकड़ों किलोमीटर दूर ले जाने में असमर्थता और परेशानी जताकर डाक्टरों से यहीं ये सर्जरी करने की बात की.

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समस्या ये थी कि बिना एक्सरे गाय की बीमारी का ये केवल अंदाजा ही था. लेकिन डाक्टरों ने अपने एग्जामिन और अध्ययन के अनुसार 20 फरवरी को गाय की छोटी आंत की सर्जरी कर दी. ये आपरेशन लगातार 6-7 घंटे तक चला. इस दौरान टीम ने पाया कि छोटी आंत मुड़ने की वजह से गाय गोबर नहीं कर पा रही थी. डाक्टरों ने जैसा एग्जामिन किया था, ठीक स्थिति वैसी ही पाई.

यदि इसका समय रहते आपरेशन नहीं किया होता तो गाय मर भी सकती थी. लिहाजा, टीम ने डेढ़ फीट छोटी आंत काटने के बाद अलग कर सफल सर्जरी की. आपरेशन के दौरान गाय को 400 के करीब टांके लगे. 21 फरवरी को गाय ने स्वस्थ होकर गोबर पास कर दिया.

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इसके बाद पशु मालिक के साथ साथ टीम ने भी राहत ली. क्षेत्र में पशु की सफल सर्जरी के लिए पशुपालन विभाग की खूब प्रशंसा हो रही है. इस गाय की पहली बार डिलीवरी हुई है. सबसे बड़ी बात ये है कि इस तरह की सर्जरी ऐसे दुर्गम इलाके में करना सबसे बड़ी चुनौती थी.

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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