नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में शुक्रवार को दो समुदायों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई।
पथराव के बीच SHO सदर थाना नाहन कुलबीर सिंह, दो अन्य पुलिस कर्मियों समेत कुल 14 लोगों के घायल होने की सूचना है। हिंसा के दौरान वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इस घटना के कारण नेशनल हाईवे-907ए पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं और शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।
ऐसे बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, मोहल्ला गोबिंदगढ़ के कुछ युवक पिछले वर्ष टूटे स्वागत द्वार की मरम्मत के लिए वाल्मीकि चौक के पास पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों समुदायों के युवाओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। करीब 11:50 बजे शुरू हुआ घटनाक्रम कई घंटों तक कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना रहा।
मौके पर पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे, लेकिन हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एएसपी सिरमौर नरेंद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय शक्ति सिंह और सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी स्थिति संभालने में जुटे रहे। बाद में प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। तनाव के बीच अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी बुलानी पड़ी।
हाईवे पर पांच किलोमीटर तक लगा जाम, आपात सेवाओं पर भी असर
दो समुदायों के बीच हुई झड़प का असर नाहन की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। नेशनल हाईवे-907ए पर दोपहर करीब 12 बजे से 3 बजे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। शिमला, सोलन, पांवटा साहिब और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले मार्गों पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और शहर में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई।
नाहन में मेडिकल कॉलेज होने के कारण जाम के बीच आपात सेवाओं की निर्बाध आवाजाही को लेकर भी चिंता पैदा हो गई। ऐसे में वैकल्पिक मार्गों और एंबुलेंस की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।
वाल्मीकि चौक के स्मारक को नुकसान
घटनाक्रम के दौरान नेशनल हाईवे-907ए पर बने वाल्मीकि चौक के स्मारक को भी नुकसान पहुंचा। पत्थरबाजी में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। जाम से निकलने की कोशिश कर रहे एक निजी वाहन पर भी पथराव होने की जानकारी सामने आई है।
दोनों समुदायों के कुछ जिम्मेदार लोगों ने अपने-अपने पक्ष के लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन हालात पर काबू पाने में समय लगा। घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि किसी पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
ये था विवाद का कारण
गौरतलब हो कि मोहल्ला गोबिंदगढ़ और वाल्मीकि मोहल्ला दोनों साथ सटे हैं। नेशनल हाईवे-907ए पर दोनों मोहल्लों के बीच वाल्मीकि चौक स्थित है। जानकारी मिली कि वाल्मीकि समुदाय की ओर से सड़क किनारे सेल्फी प्वाइंट बनाया जा रहा है। इसी स्थान के पास सिख समुदाय के कुछ युवक पिछले वर्ष टूटे गुरुद्वारा श्री दशमेश अस्थान के स्वागत द्वार की मरम्मत के लिए पहुंचे थे।
इसी दौरान दोनों पक्षों के युवाओं के बीच बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ने के बाद मामला झड़प और पत्थरबाजी तक पहुंच गया। इसके चलते करीब तीन घंटे तक नाहन शहर में यातायात प्रभावित रहा। विवाद की पूरी वजह और घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
धौलाकुआं से रिजर्व फोर्स के देर से पहुंचने पर सवाल
घटनाक्रम ने पुलिस की तैयारियों और कानून-व्यवस्था संभालने की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। विवाद दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ और करीब 3:30 बजे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब शुरुआती दौर में ही हालात बिगड़ने लगे थे, तो अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती समय रहते क्यों नहीं की गई?
नाहन से करीब 29 किलोमीटर दूर धौलाकुआं स्थित छठी आईआरबी बटालियन की रिजर्व फोर्स को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी क्यों हुई, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्थरबाजी में पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद मौके पर उपलब्ध पुलिस बल की पर्याप्तता को लेकर भी सवाल उठे।
बता दें कि साढ़े 4 बजे के आसपास घटनास्थल के समीप नारेबाजी भी हुई। साथ ही फिर से पथराव की भी जानकारी मिली। इसके बाद भी घटनास्थल के समीप छुटपुट घटनाएं सामने आईं। फिलहाल पुलिस बल मौके पर मौजूद है और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात कर दिया है।
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर नरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

