काठमांडू : नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही मची है। नेपाल पुलिस की शनिवार सुबह जारी ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि 2,426 लोग लापता बताए गए हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ सुरक्षा बलों के जवान, हाइड्रोपावर परियोजनाओं के कर्मचारी और स्थानीय लोग शामिल हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी बताए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लापता लोगों में 644 विदेशी नागरिक शामिल हैं। वहीं, नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार शुक्रवार शाम तक 1,924 लोगों के लापता होने की सूचना थी। इनमें हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं के 933 कर्मचारी और 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
NDRRMA के अनुसार, चितवन में सबसे अधिक 233 शव मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 154, गोरखा में 46, धाडिंग में 40, नुवाकोट में 37, तनहुन में 30, नवलपरासी वेस्ट में 27 और रसुवा में 12 शव बरामद हुए हैं।
लापता लोगों में नेपाल आर्मी के 45, नेपाल पुलिस के 28 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान शामिल हैं। इसके अलावा कस्टम ऑफिस के 15 और इमिग्रेशन ऑफिस के 15 कर्मचारी तथा लांगटांग नेशनल पार्क के तीन लोग भी लापता बताए गए हैं।
15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत-बचाव में जुटे
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत कार्य बड़े पैमाने पर जारी है। नेपाल पुलिस ने अपने 8,799 जवानों को रेस्क्यू ऑपरेशन में तैनात किया है। वहीं, NDRRMA के अनुसार कुल 15,431 सुरक्षाकर्मी राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं। इनमें नेपाल आर्मी के 6,755, नेपाल पुलिस के 4,473 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 4,203 जवान शामिल हैं।
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इनमें शुक्रवार को हाइड्रोइलेक्ट्रिक टनल से बचाए गए 191 लोग और हवाई मार्ग से निकाले गए 517 लोग शामिल हैं। बचाए गए लोगों में 129 विदेशी नागरिक भी हैं।
भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर बाढ़ का खतरा
आपदा के तीसरे दिन भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में दोबारा बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। इसके चलते कुछ समय के लिए तलाश एवं बचाव अभियान रोकना पड़ा। NDRRMA ने भोटेकोशी और त्रिशूली क्षेत्रों के लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने और खतरा महसूस होने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में बनी दो झीलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। दोनों झीलों के पूरी तरह खाली होने तक बाढ़ का खतरा बना रहने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से एक झील शुक्रवार को ओवरफ्लो होने लगी थी। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि दोनों झीलें उस क्षेत्र के करीब हैं, जहां बुधवार को ग्लेशियर नदी में गिरा था।
चीन ने जारी किया चौथे स्तर का अलर्ट
इस बीच चीन ने ‘चौथे स्तर’ का अलर्ट जारी किया है। चीन के अनुसार नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास पानी के बहाव में बाधा बनने से एक अस्थायी झील बन गई है। इसमें करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा होने की जानकारी है।
अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर और पानी आने की आशंका जताई गई है, जिससे झील के टूटने का खतरा बढ़ गया है। इसके टूटने पर निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका है। तिब्बत की ओर एक बांध टूटने की खबर के बाद नेपाल पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया है।
आपदा राहत कोष में 2.295 अरब रुपये से अधिक का दान
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में लोग बढ़-चढ़कर दान कर रहे हैं। बीते तीन दिनों में राहत कोष में 2.295 अरब रुपये से अधिक का दान मिलने की जानकारी सामने आई है।
