कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। करीब 15 वर्षों तक सत्ता पर काबिज रहीं ममता बनर्जी की सरकार का दौर समाप्त हो गया और शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। वह पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा नेता बन गए हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला है। शुभेंदु अधिकारी की शपथ के बाद राज्य में पहली बार बीजेपी ने सरकार बनाई।
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे शुरू हुआ। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। भाजपा ने इस समारोह के लिए रवींद्रनाथ टैगोर जयंती का दिन चुना, जिसे बंगाल की संस्कृति और राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ से पहले उन्होंने सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर संदेश जारी करते हुए इसे पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक सुबह बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार राज्य में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण का साक्षी बनना संस्थापक पुरखों के सपनों को साकार होते देखने जैसा है।
मुख्यमंत्री के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली।
शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक यात्रा को बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। कभी तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के करीबी रहे अधिकारी ने भाजपा में शामिल होने के बाद सीधे ममता बनर्जी को चुनौती दी। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी सीटों पर मुकाबला करते हुए ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में 15 हजार से अधिक मतों से पराजित किया।
भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी दूसरे नाम का प्रस्ताव तक नहीं आया। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।
