उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर ‘जय बद्री विशाल’ और ‘लक्ष्मी माता’ के जयकारों से गूंज उठा। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बनने पहुंचे और मंदिर परिसर में भक्तों का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा।
कपाट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। पूरे धाम में भक्ति और आस्था का ऐसा माहौल बना कि हर ओर ‘जय बद्री विशाल’ के जयकारे गूंजते रहे। इस विशेष अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे और उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस बार बद्रीनाथ मंदिर को बेहद भव्य तरीके से सजाया गया है। करीब 25 क्विंटल फूलों से पूरे धाम को सजाकर दिव्य रूप दिया गया है। खास बात यह रही कि पहली बार फूलों के जरिए ‘ॐ लक्ष्मीपतये नम: ’, ‘जय बद्री विशाल’ और ॐ बैकुंठाय नम: ’ जैसे पवित्र संदेश उकेरे गए, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
आज बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा पूरी तरह शुरू हो गई है। इससे पहले अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए। अब चारों धाम खुलने के साथ श्रद्धालुओं में उत्साह और भी बढ़ गया है और आस्था के साथ यात्रा का सिलसिला तेज हो गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चमोली प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और धाम क्षेत्र में व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय कर दी गई हैं।
