कांग्रेस सरकार ने 3 साल युवाओं को ठगा, नहीं दी एक भी पक्की नौकरी: डॉ. बिंदल

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बेरोजगार युवक-युवतियों की भावनाओं से खुला खिलवाड़ किया। भाषणों में कहा गया कि पेंशन वाली सरकारी नौकरी मिलेगी, आउटसोर्स और ठेका प्रथा खत्म होगी, लेकिन हकीकत यह है कि न केवल सरकारी नौकरियां नहीं दी गईं, बल्कि नौकरी देने वाला संस्थान ही बंद कर दिया गया।

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नाहन : भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस की प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि विगत तीन वर्षों के कांग्रेस शासन में प्रदेश के नौजवानों, युवक-युवतियों को लगातार अपमानित और लज्जित किया गया है। जिन बेरोजगार युवाओं को चुनाव से पहले गारंटी, भरोसा और वायदे किए गए थे, आज वही युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

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बिंदल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों में दावा किया था कि सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार दिए जाएंगे। प्रदेश के युवक-युवतियों ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के वचनों पर भरोसा किया और कांग्रेस की सरकार बनी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित दर्जनों मंत्री और चेयरमैन बने, लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद एक भी युवा को पक्की सरकारी नौकरी नहीं मिली।

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डॉ. बिंदल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता चुनावी मंचों से यह कहते नहीं थकते थे कि पहली कैबिनेट में ही सरकारी नौकरियों का खजाना खुलेगा और “खुल जा सिम-सिम” की तरह सब कुछ हो जाएगा, लेकिन आज पहली कैबिनेट का कहीं पता नहीं है। 3 साल बाद भी युवा बेरोजगार हैं और उन्हें हंसी का पात्र बना दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बेरोजगार युवक-युवतियों की भावनाओं से खुला खिलवाड़ किया। भाषणों में कहा गया कि पेंशन वाली सरकारी नौकरी मिलेगी, आउटसोर्स और ठेका प्रथा खत्म होगी, लेकिन हकीकत यह है कि न केवल सरकारी नौकरियां नहीं दी गईं, बल्कि नौकरी देने वाला संस्थान ही बंद कर दिया गया। सरकार ने लगभग 1 लाख 50 हजार रिक्त पदों को समाप्त कर दिया और करीब 10 हजार लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया।

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उन्होंने कहा कि युवाओं पर एक के बाद एक वज्रपात करते हुए वन मित्र, रोगी मित्र और पशु मित्र जैसी योजनाएं थोप दी गईं और अप्रेंटिस योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई, जिससे बेरोजगारों का भविष्य और असुरक्षित हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियां केवल भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ गईं और निजी क्षेत्र के रोजगार भी पूरी तरह समाप्त हो गए। आज बेरोजगार युवक-युवतियां 8 से 10 हजार रुपये की औद्योगिक नौकरी के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। बच्चे वर्षों से लाइब्रेरियों में बैठकर परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाएं ही नहीं निकाली जा रही हैं। इस अवसर पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सन्नी शुक्ला, सांसद सुरेश कश्यप और विधायक सुखराम चौधरी भी उपस्थित रहे।

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