नाहन|
Illegal Mining : उपमंडल पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत सैनवाला-मुबारिकपुर के गांव खैरी और कोटड़ी की सीमा पर बाता नदी में निजी भूमि पर हो रहे अवैध खनन को लेकर ग्रामीण लामबंद हो गए हैं. इस सिलसिले में शुक्रवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायत प्रधान कमला चौधरी के नेतृत्व में जिला खनन अधिकारी कार्यालय नाहन पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने अवैध खनन की शिकायत का एक ज्ञापन जिला खनन अधिकारी कार्यालय को सौंपा.
पंचायत उपप्रधान साधुराम, पूर्व प्रधान राम मूर्ति, ग्रामीण अलका, नसीमा, शेर सिंह, मुकेश कुमार, भगतराम आदि ग्रामीणों ने शिकायत में कहा कि खनन वाली भूमि के दोनों ओर बाता नदी का तटीयकरण किया गया है. इस पर सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च कर ग्रामीणों की कृषि योग्य भूमि का संरक्षण किया है, लेकिन यहां पर जेसीबी से नदी से रेत, बजरी व पत्थर धड़ल्ले से निकाले जा रहे हैं.
उन्होंने खनन विभाग से इस भूमि पर खनन की अनुमति न दिए जाने की मांग भी की. साथ ही कहा कि यदि बाता नदी में खनन की अनुमति दी गई तो करोड़ों रुपए की लागत से हुए तटीयकरण को भारी नुकसान हो सकता है. इससे 6 गांव सैनवाला, धूंधला, खैरी, कोटड़ी, टोकियो, माजरा आदि गांव की नदी किनारे स्थित जमीन का फिर भूमि कटाव हो सकता है.
इससे किसानों की हजारों बीघा भूमि बर्बाद हो जाएगी. यही नहीं लगभग 25 घर भी बाता नदी के कटाव की चपेट में आकर तबाह होंगे. लिहाजा, बाता नदी में हो रहे खनन को रोका जाए. साथ ही विभाग इस भूमि पर खनन की अनुमति भी न दें. उधर, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण भारद्वाज ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.