अपने जख्म भूल पीड़ितों का सहारा बना ये बस मालिक, हरिपुरधार हादसे के घायलों को दी आजीवन मुफ्त बस पास की सुविधा, शायद ऐसा पहली बार

नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के हरिपुरधार में इस साल जनवरी माह में पेश आए दर्दनाक बस हादसे में अपनों को खोने और अपने परिवार को गंभीर दर्द से गुजरते देखने वाले जीत कोच बस सर्विस के मालिक प्रताप ठाकुर ने संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। हादसे में घायल यात्रियों और मृतकों के परिजनों को प्रताप ठाकुर ने अपनी सभी बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा सुविधा देने का फैसला लिया है, ताकि त्रासदी झेल चुके ये परिवार भविष्य में सफर के दौरान आर्थिक बोझ से कुछ राहत पा सकें।

संभवत: ये हिमाचल ही नहीं, बल्कि देश में भी पहली बार होगा कि किसी निजी बस ऑपरेटर ने हादसे के घायलों और मृतक परिवार के परिजन को जीवन भर अपनी बस में मुफ्त बस पास की सुविधा दी हो। बस मालिक की इस दरियादिली की इलाके में मिसाल दी जा रही है। दरअसल, पीड़ितों को जारी किया जा रहा ये बस पास जीत कोच बस सर्विस की सभी बसों में मान्य होगा। बस ऑपरेटर के पास कुल 6 बसें हैं। इनमें एक बस की दुर्घटना हुई है। जीत कोच की ये बस सर्विस शिलाई-शिमला, शिमला-कुपवी व सोलन-रोनहाट रूटों पर चलती है।

ये भी पढ़ें:  इस चमत्कारी मिश्रण का सेवन करने से पेट सफा होने के साथ हेयर फॉल की समस्या भी होगी दूर! ट्राय तो कीजिए...

बस मालिक के निर्णय के अनुसार दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों के साथ-साथ हादसे में जान गंवाने वाले 14 मृतकों के परिवारों में से एक सदस्य को भी यह सुविधा मिलेगी। यह केवल मुफ्त यात्रा नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति बस मालिक का जीवनभर का सहारा है, जो इस हादसे की पीड़ा से आज भी उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की अनहोनी की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

प्रताप ठाकुर ने बताया कि हादसे के घायलों और मृतकों के परिजनों की थोड़ी सी सहायता करने का ये सिर्फ छोटा सा प्रयास है। उन्होंने कहा कि 22 साल के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में यह पहली बड़ी दुर्घटना थी। इस हादसे ने उन्हें बुरी तरह झकझोर दिया। लिहाजा, उन्होंने अपने दुख को पीड़ितों की सहायता में बदलने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे प्रभावित परिवारों से संपर्क हो रहा है, उनकी फोटो के साथ बस पास तैयार कर जारी किए जा रहे हैं। अब तक 21 लोगों को यह सुविधा दी जा चुकी है।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद ने शिक्षा मंत्री के समक्ष तीसरी कक्षा से संस्कृत बहाली सहित रखीं ये मांगें

गौरतलब हो कि 9 जनवरी 2026 को हरिपुरधार क्षेत्र में सड़क पर जमे पाले के कारण जीत कोच की बस खाई में गिर गई थी। इस भीषण हादसे में 14 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 61 लोग घायल हुए थे। इस हादसे में बस मालिक का अपना परिवार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उनके बेटा, बेटी, भतीजी व भतीजा और उसकी पत्नी भी उसी बस में सवार थे। हादसे में भतीजी, भतीजा और उसकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि बेटा और बेटी गंभीर रूप से घायल हुए। बेटे का अभी पीजीआई से उपचार चल रहा है, जबकि बेटी अब स्वस्थ है।

ये भी पढ़ें:  ताइक्वांडो प्रतियोगिता में राजगढ़ कॉलेज की महक ने हासिल किया स्वर्ण, इन खिलाड़ियों ने भी जीते पदक

उन्होंने बताया कि इन निशुल्क बस पास कार्ड का हर वर्ष नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनका दुरुपयोग न हो सके। सभी पात्र लाभार्थियों की सूची बसों के कंडक्टरों के पास उपलब्ध रहेगी, जिससे सुविधा पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संचालित हो सके। बहरहाल, इस बड़े फैसले के बाद प्रताप ठाकुर का यह कदम इंसानियत, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल बन गया है।

Hitesh Sharma
Hitesh Sharmahttps://aapkibaatnews.com
हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

Latest Articles

Explore More