नाहन : जिला सिरमौर के उपमंडल संगड़ाह की नौहराधार तहसील अंतर्गत देवामानल गांव में हुए दर्दनाक हादसे से पूरे क्षेत्र गमगीन है। खड्ड में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों आयन (8) और अभिनव (9) की मौत के बाद गांव में हर तरफ मात्तम पसरा हुआ है। जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है। पूरे इलाके में शोक की लहर है।
इस हादसे से जुड़ा जो घटनाक्रम सामने आया है, वह बेहद मार्मिक है। बताया जा रहा है कि अगर उस समय खच्चर नहीं बिदके होते तो शायद बच्चों के पिता उनसे दूर नहीं जाते और यह हादसा टल सकता था, लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
पूर्व बीडीसी अध्यक्ष विजय सिंह पुंडीर ने बताया कि अकसर बच्चों के दादाजी बैल, खच्चरें और बकरियां चराने जंगल ले जाया करते थे, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वह घर पर ही थे। ऐसे में दोनों मासूम अपने पिता के साथ जंगल चले गए।
जानकारी के अनुसार जंगल में तीनों साथ ही मौजूद थे कि इसी दौरान खच्चरें अचानक बिदक कर जंगल में कहीं चली गईं। बच्चों के पिता प्रवीण पुंडीर खच्चरों को ढूंढने चले गए, जबकि दोनों मासूम भाई बैल और बकरियों को चराने खड्ड के किनारे बैठे रहे। इसी बीच पिता की गैर मौजूदगी में वो हादसा हो गया, जिसके जख्म ताउम्र नहीं भर पाएंगे। दोनों बच्चे खेलते-खेलते खड्ड में डूब गए।
जब तक पिता घटनास्थल पर पहुंचे तब तक काफी देर ही चुकी थी। अपने बच्चों को वहां न पाकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर ग्रामीण पहुंचे और दोनों मासूमों को खड्ड से बाहर निकाला।
एक ही परिवार के दोनों बच्चों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। गांव के लोग अब भी इस हादसे पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि परिवार के पास यही दो बच्चे थे और अब दोनों इस दुनिया में नहीं रहे।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह तक जिन मासूमों की हंसी गांव में गूंज रही थी, शाम होते-होते उसी घर से मातम की आवाजें आने लगीं। देवामानल गांव में हर आंख नम है। परिजन अपनी सुध-बुध खो बैठे हैं।
