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गारंटी के नाम पर वादे, 42 माह बाद भी इंतजार… पंचायत चुनाव में कांग्रेस से पूरा हिसाब मांगेगी जनता : बिंदल

डॉ. बिंदल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल से प्रदेश का जनमानस दुखी और त्रस्त है।

नाहन : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि आज से पूरे हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 7, 8 और 11 मई को वार्ड पंच, उपप्रधान, प्रधान, बीडीसी तथा जिला परिषद पदों के लिए नामांकन भरे जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला परिषद चुनावों के लिए प्रदेशभर में समर्थित उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी की जा चुकी है।

इसी क्रम में नाहन विधानसभा क्षेत्र के बनकला वार्ड से भाजपा समर्थित उम्मीदवार अंकिता शर्मा के नामांकन के अवसर पर डॉ. बिंदल सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट कार्यालय नाहन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल से प्रदेश का जनमानस दुखी और त्रस्त है।

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कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनावों में महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने की गारंटी देकर वोट हासिल किए, लेकिन 42 महीने बीत जाने के बाद भी महिलाओं को एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर प्रत्येक महिला का ₹60,600 बकाया हो चुका है और अब महिलाएं पंचायत चुनावों में कांग्रेस को जवाब देने के लिए तैयार बैठी हैं।

बेरोजगार युवाओं से पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिला। युवा वर्ग सड़कों पर उतरकर विरोध करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा। मेडिकल बिल लंबित पड़े हैं और पेंशनर्स अपनी पेंशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। किसान और बागवान भी वर्तमान सरकार की नीतियों से निराश हैं।

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कहा, प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री कई बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन नहीं है। ऐसे में जनता के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि जब कांग्रेस सरकार के पास सड़क, बिजली, पानी और अन्य विकास कार्यों के लिए संसाधन ही नहीं हैं, तो कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को वोट देने का क्या औचित्य रह जाता है।

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Aapki Baat News Desk
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