नई दिल्ली/नाहन : भारतीय महिला कबड्डी टीम ने दूसरी बार कबड्डी वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है और इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे देश, विशेषकर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में जश्न का माहौल है।
ढाका में जैसे ही भारत की बेटियों ने चीनी ताइपे को 35-28 के रोमांचक अंतर से हराकर जीत दर्ज की, सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में जश्न का माहौल शुरू हो गया।
यह खुशी इसलिए भी खास है, क्योंकि विश्व विजेता टीम की कमान इसी क्षेत्र की बेटी रितु नेगी के हाथों में थी, जिनका साथ शिलाई क्षेत्र से ही संबंध रखने वाली उप-कप्तान पुष्पा राणा और साक्षी शर्मा समेत पूरी टीम ने बखूबी निभाया।
फाइनल मैच में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति, संतुलन और नेतृत्त्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बना ली और अंत तक उसे बरकरार रखा।
इस जीत की खास बात यह है कि टीम में हिमाचल प्रदेश की कुल 5 बेटियां शामिल रहीं। इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित किया।
कप्तान रितु नेगी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार नेतृत्व किया। वहीं, पुष्पा राणा ने अपनी तेजतर्रार रेडिंग और शानदार डिफेंस से विरोधी टीमों को मुश्किल में डाला, जबकि साक्षी शर्मा ने भी उत्कृष्ट खेल से जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस ऐतिहासिक सफलता पर कप्तान रितु नेगी के पिता भवान सिंह नेगी ने कहा कि यह वक्त पूरे देश के लिए गर्व का है। उन्होंने बताया कि हिमाचल की इन 5 खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने टीम की ताकत को कई गुणा बढ़ाया और विश्व मंच पर शान से तिरंगा लहरा दिया।
भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश की बेटियां हर मैदान में उत्कृष्टता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।





