मंडी : हिमाचल प्रदेश में बिजली के मीटर अब स्मार्ट मीटर में बदले जा रहे हैं, जिन्हें चरणबद्ध ढंग से प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर में बदला जाएगा। प्रथम चरण में सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंडी जिला में भी स्मार्ट बिजली के मीटर लगाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों में बिजली के मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड किए जाएंगे।

बोर्ड के अनुसार प्री-पेड मीटर प्रणाली लागू होने से न केवल बिजली खपत पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में करीब डेढ़ फीसदी तक सस्ती बिजली भी मिलेगी। इस संदर्भ में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह और विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार ने प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर के बारे विभागों को आने वाली आशंकाओं बारे जानकारी दी और सभी विभागों को पोस्टपेड स्मार्ट बिजली मीटर से प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर में बदलने बारे जागरूक किया।
पहले चरण में यह व्यवस्था सरकारी कार्यालयों में लागू होगी। सरकारी कार्यालयों को पहले अपने पोस्टपेड बिलों का भुगतान करना होगा, उसके बाद प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को भी प्रीपेड मीटर लगाने का विकल्प दिया जाएगा। प्रीपेड मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली के लिए पहले से रिचार्ज कराना होगा। जितनी राशि का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली उपयोग की जा सकेगी। रिचार्ज समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी, जिससे अनावश्यक खपत पर रोक लगेगी और बकाया बिल की समस्या खत्म होगी।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से अपनी रोजाना बिजली खपत पर सीधी नजर रख सकेंगे। किस समय कितनी बिजली खर्च हो रही है, इसकी पूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी। इससे सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक बिजली खर्च पर अंकुश लगेगा और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।



