शिमला : हिमाचल प्रदेश में पिछले साढ़े तीन महीने से चला आ रहा सूखे का दौर बसंत पंचमी पर भारी बर्फबारी और बारिश के साथ खत्म हो गया। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बर्फबारी और बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शिमला, मनाली, डलहौजी और चायल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया, जबकि निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश के साथ कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।

भारी बर्फबारी और बारिश के चलते प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे समेत कुल 500 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। अपर शिमला सहित कई क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया। विभिन्न स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया। कुफरी-फागू , आनी क्षेत्र से 200 पर्यटकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
बारिश और बर्फबारी से जहां किसानों और बागवानों को फसलों के लिए संजीवनी मिली है, वहीं पर्यटन कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि मौसम के इस बदले मिजाज ने प्रदेशभर में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण प्रदेश में 10,000 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए, जिससे हजारों गांवों और शहरी क्षेत्रों में अंधेरा छा गया। दिनभर चले बहाली कार्य के बाद शाम तक 3000 से ज्यादा ट्रांसफार्मर चालू कर दिए गए।
बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर बिजली लाइनों पर पेड़ गिर गए, तार टूट गए और ट्रांसफार्मरों के आसपास भारी बर्फ जमा हो गई, जिससे आपूर्ति बाधित हुई। सबसे ज्यादा असर शिमला, सिरमौर, कुल्लू, मंडी, किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में देखने को मिला, जहां दूरदराज के इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फील्ड अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। राज्य विद्युत बोर्ड के प्रवक्ता अनुराग पराशर ने बताया कि दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की मोटी परत जमने के कारण मरम्मत कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद विभाग के कर्मचारी खराब मौसम में भी मौके पर डटे हुए हैं और बिजली बहाली का काम लगातार जारी है।



