मानवाधिकारों की जमीनी हकीकत परखने सोलन पहुंचे एनएचआरसी के विशेष मॉनिटर बालकृष्ण गोयल, दिए ये निर्देश

बालकृष्ण गोयल ने आंगनबाड़ी केंद्र कोठों, शांति निकेतन चिल्ड्रन होम सुबाथू, जिला कारागार सोलन और उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर ने कहा कि सभी के मानव अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं

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सोलन : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर (बाल अधिकार एवं वरिष्ठ नागरिक) बालकृष्ण गोयल ने बुधवार को सोलन में मानव अधिकारों की दृष्टि से कुछ स्थानों का सूक्ष्म निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बालकृष्ण गोयल बाल अधिकार एवं वरिष्ठ नागरिकों के मानवाधिकारों की सूक्ष्म जांच पड़ताल के लिए सोलन के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

बालकृष्ण गोयल ने आंगनबाड़ी केंद्र कोठों, शांति निकेतन चिल्ड्रन होम सुबाथू, जिला कारागार सोलन और उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर ने कहा कि सभी के मानव अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और देश के संविधान एवं आयोग द्वारा स्थापित अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, कैदियों और अन्य के अधिकारों को सुनिश्चित बनाया जाना जरूरी है।

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उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र कोठों में विभिन्न व्यवस्थाओं को जांचा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं सहित उपस्थित अन्य से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां मिलने वाले भोजन पदार्थ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शांति निकेतन चिल्ड्रन होम सुबाथू में बच्चों एवं अन्य से कार्यप्रणाली की पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि यहां सभी व्यवस्थाएं नियमानुसार संचालित की जानी चाहिएं। यह सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि यहां निवास कर रहे बेसहारा बच्चों को न केवल समय पर सुविधाएं प्राप्त हों अपितु सरकार के निर्देशानुसार उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए भी कार्य हों।

उन्होंने शांति निकेतन चिल्ड्रन होम सुबाथू में एक महिला वॉर्डन की तैनाती के निर्देश भी दिए। उन्हें इस अवसर पर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आश्रय योजना की पूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने जिला कारागार सोलन में कैदियों सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कारागार में भोजन, वस्त्र, रसोई, पुस्तकालय एवं शौचालय सहित कैदियों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं और कैदियों को प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त की।

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उन्होंने कैदियों को मैनुअल के अनुसार मिलने वाली सुविधाओं और मानवाधिकारों के अनुरूप व्यवस्थाओं को जांचा। इस अवसर पर उन्होंने मानवाधिकार आयोग द्वारा निर्धारित सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने निर्देश दिए कि कारागार में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा प्राप्त होनी चाहिए ताकि कैदियों को समय पर चिकित्सा सुविधा प्रदान करवाई जा सके।

बालकृष्ण गोयल ने सभी व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने उचित मूल्य की दुकान की कार्य प्रणाली को भी परखा। इस अवसर पर सहायक आयुक्त सोलन एवं कारागार अधीक्षक नीरजा शर्मा, ज़िला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी पदम देव शर्मा सहित पुलिस विभाग एवं अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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