मोदी सरकार ने हिमाचल के लिए बजट में किए बेहतरीन प्रावधान, कांग्रेस कर रही गुमराह: डॉ. बिंदल

डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है। हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

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शिमला : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है। हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है।

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है।

डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के करीब पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई। प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है? उन्होंने बताया कि वीबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही।

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डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया। डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।

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