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हिमाचल में नई रोड ड्रेनेज नीति को मंजूरी, मानसून में सड़कों की सुरक्षा पर फोकस

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में भारी बारिश से सड़कों को करीब 2400 करोड़ रुपए और 2025 में लगभग 3000 करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ। तकनीकी मूल्यांकन में कमजोर ड्रेनेज सिस्टम और भूस्खलन को प्रमुख कारण पाया गया। हर वर्ष मरम्मत पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने दीर्घकालिक समाधान के रूप में नई नीति लागू करने का निर्णय लिया है।

शिमला : पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में हर साल मानसून के दौरान सड़कों को होने वाले भारी नुकसान को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने नई रोड ड्रेनेज नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में तैयार यह नीति वैज्ञानिक आधार पर जल निकासी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे सड़कों की उम्र बढ़ेगी और मरम्मत पर होने वाला भारी खर्च कम होगा।

प्रदेश में सड़कें दूरदराज के गांवों से लेकर जिला मुख्यालयों तक संपर्क, व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं की जीवन रेखा हैं। लोक निर्माण विभाग 40 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क का रखरखाव करता है। क्षेत्रीय निरीक्षण और मानसून के बाद किए गए आकलन में सामने आया कि अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था सड़कों की क्षति का मुख्य कारण है।

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आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में भारी बारिश से सड़कों को करीब 2400 करोड़ रुपए और 2025 में लगभग 3000 करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ। तकनीकी मूल्यांकन में कमजोर ड्रेनेज सिस्टम और भूस्खलन को प्रमुख कारण पाया गया। हर वर्ष मरम्मत पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने दीर्घकालिक समाधान के रूप में नई नीति लागू करने का निर्णय लिया है।

नई नीति में पारंपरिक पद्धति की जगह हाइड्रोलॉजी आधारित डिजाइन अपनाया गया है। अब ड्रेनेज संरचनाएं वास्तविक वर्षा तीव्रता, जलग्रहण क्षेत्र और भू-आकृतिक आंकड़ों के आधार पर तैयार होंगी। सभी नई सड़क परियोजनाओं में बॉक्स कल्वर्ट को डिफॉल्ट संरचना के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे जलभराव कम होगा और मशीनों से सफाई आसान होगी। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में ढलानों की मजबूती के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।

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आबादी वाले इलाकों में नालियों को मानकीकृत डिजाइन के तहत ढका जाएगा, खुले हिस्सों में ऊंचे कर्ब और इनलेट बनाए जाएंगे और सड़क सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। नीति के तहत सड़क नालियों में अपशिष्ट जल या ठोस कचरा डालने और अवरोध पैदा करने पर दंड का प्रावधान भी किया गया है।

कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से होगा और आर्थिक व सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह नीति राज्य में टिकाऊ, सुरक्षित और लचीले सड़क नेटवर्क के निर्माण की दिशा में निर्णायक पहल साबित होगी।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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