नाहन : जिला सिरमौर के विशेष न्यायाधीश-1 योगेश जसवाल की अदालत ने स्मैक (चिट्टा) तस्करी के मामले में पकड़े गए दोषी को 4 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 2 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
जिला न्यायवादी चंपा सुरील ने जानकारी देते हुए बताया कि मुंतज़िर पुत्र सितार मोहम्मद निवासी ग्राम मेलियो, डाकघर माजरा, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर को अदालत ने स्मैक तस्करी के मामले में दोषी ठहराया है। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।
उन्होंने बताया कि 5 सितंबर 2021 को हेड कांस्टेबल जगमोहन को गुप्त सूचना मिली थी कि मुंतज़िर नाम का व्यक्ति चिट्टे की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है और वह यमुना नगर की ओर से एक बाइक पर पांवटा साहिब उपमंडल के बहराल की तरफ आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने बहराल में नाका लगाया और रात करीब 9:55 बजे आरोपी को बाइक सहित रोका।
तलाशी के दौरान आरोपी की पैंट की अगली जेब से ‘कुरकुरे’ का एक पैकेट बरामद हुआ। जब पैकेट खोला गया तो उसके अंदर सफेद रंग का पाउडर जैसा पदार्थ मिला, जो स्मैक (हेरोइन) निकला। बरामद नशीले पदार्थ का वजन 12.18 ग्राम पाया गया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना पांवटा साहिब में एनडीपीएस के तहत केस दर्ज किया गया।
मामले की जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया, जहां अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों को पेश किया। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।



