चूड़धार : समुद्र तल से 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र चूड़धार से ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का भरोसा और मजबूत कर दिया। चूड़धार मंदिर के सेवादार एवं शिरगुल महाराज के पुजारी पंडित दीप राम शर्मा ने करीब पांच लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों और 7,910 रुपये नकद से भरा पर्स उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाकर सराहनीय उदाहरण पेश किया है।
शनिवार को चूड़धार मंदिर की चोटी के समीप उन्हें एक पर्स मिला, जिसमें सोने की अंगूठियां, मंगलसूत्र, पेंडेंट-लॉकेट सहित कीमती आभूषण और नकदी रखी हुई थी। पर्स में कोई पहचान पत्र नहीं था, जिससे मालिक का पता लगाया जा सके। सूचना मिलने के बाद कुछ लोगों ने पर्स पर दावा भी किया, लेकिन पंडित दीप राम शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि सही विवरण बताए बिना पर्स किसी को नहीं सौंपा जाएगा।
इस बीच चूड़धार मंदिर समिति के प्रबंधक श्याम लाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पर्स मिलने की सूचना सार्वजनिक की। लगातार प्रयासों के बाद सोमवार को उत्तराखंड के विकासनगर निवासी रीना शर्मा से संपर्क हुआ। उन्होंने पर्स में रखे सभी आभूषणों और नकदी का सटीक विवरण दिया, जिसके बाद उनकी पहचान की पुष्टि हुई। जब उन्हें फोन पर बताया गया कि उनका पर्स और उसमें रखा पूरा सामान सुरक्षित है, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
रीना शर्मा ने बताया कि पर्स खोने के बाद उन्हें उसकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी। इस सूचना के बाद उन्होंने अपने रिश्तेदार ऋतिक शर्मा को चूड़धार भेजा। मंगलवार को चूड़ेश्वर सेवा समिति के सेवादारों की मौजूदगी में ऋतिक शर्मा को पर्स और उसमें रखा पूरा सामान सुरक्षित सौंप दिया गया।
मूल रूप से शिलाई तहसील के नाया गांव के निवासी और वर्तमान में रोनहाट में रह रहे पंडित दीप राम शर्मा पिछले लगभग 25 वर्षों से चूड़धार मंदिर में सेवाएं दे रहे हैं। श्रद्धालु उन्हें सम्मानपूर्वक “सिरमौरी पुजारी जी” के नाम से भी जानते हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जिनकी वजह से विश्वास और मानवता जीवित है।
