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किसानों के लिए काम की बात: सिरमौर में शुरू हो रहा ये बड़ा अभियान, खेतों में उतरेंगे वैज्ञानिक

सिरमौर के किसानों को अब खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान सीधे उनके खेतों में मिलेगा। केंद्र सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत पूरे जून महीने भर कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग और आतमा परियोजना के वैज्ञानिक एवं अधिकारी किसानों के बीच पहुंचकर आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देंगे।

धौलाकुआं : सिरमौर के किसानों को अब खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान सीधे उनके खेतों में मिलेगा। केंद्र सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत पूरे जून महीने भर कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग और आतमा परियोजना के वैज्ञानिक एवं अधिकारी किसानों के बीच पहुंचकर आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देंगे। इस दौरान किसानों को खाद के संतुलित उपयोग से लेकर असली और नकली कीटनाशकों की पहचान तक की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

एक जून से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के दौरान विशेषज्ञों की टीमें गांव-गांव और खेत-खेत पहुंचेंगी। वैज्ञानिक किसानों से सीधे संवाद कर खेती में आने वाली समस्याओं को समझेंगे और उनके समाधान भी बताएंगे। अभियान का प्रमुख उद्देश्य किसानों को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नकली कीटनाशकों और उर्वरकों के प्रति जागरूक करना है, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

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कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि अभियान के तहत किसानों को यह जानकारी दी जाएगी कि खेतों में कितनी मात्रा में और किस अनुपात में खाद का प्रयोग किया जाना चाहिए। साथ ही संतुलित पोषण प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे अनावश्यक रासायनिक खादों के उपयोग को कम किया जा सके।

उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। विशेषज्ञ किसानों को सलाह देंगे कि वे बाजार के बहकावे में आकर किसी भी रसायन या कीटनाशक का प्रयोग न करें, बल्कि कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही इनका उपयोग करें। इससे खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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डॉ. पंकज मित्तल ने किसानों को नकली उर्वरकों और कीटनाशकों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती और सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. शिवाली धीमान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, हरी खाद और जैविक और जैव-आधारित कृषि आदानों के प्रयोग संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों की क्षमता विकास के साथ-साथ टिकाऊ और लाभकारी खेती को बढ़ावा मिलेगा।

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Aapki Baat News Desk
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