चंबा : हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत जसौरगढ़ के सलोह स्थित प्राथमिक पाठशाला में रविवार दोपहर बाद भीषण आग लगने से स्कूल के तीन कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि रविवार का अवकाश होने के कारण स्कूल में कोई छात्र या शिक्षक मौजूद नहीं था। यदि स्कूल खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और स्कूल की रसोई तक पहुंच गई। रसोई में रखे गैस सिलेंडर आग की चपेट में आने के बाद तेज धमाकों के साथ फट गए। धमाकों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सिलेंडरों के फटने के बाद आग और अधिक भड़क गई और उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
इस अग्निकांड में स्कूल का सरकारी रिकॉर्ड, लेखा-जोखा, फर्नीचर और बच्चों की शैक्षणिक सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। जब ग्रामीण और नन्हे विद्यार्थी मौके पर पहुंचे तो अपने शिक्षा के मंदिर को राख में तब्दील होता देख कई बच्चों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया।
आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी व मिट्टी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। सूचना मिलने पर प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया।
कार्यकारी एसडीएम चुराह आशीष ठाकुर ने बताया कि आग से स्कूल को भारी नुकसान हुआ है और राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को तत्काल वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत जसौरगढ़ के प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि आग में स्कूल पूरी तरह राख हो गया है। पंचायत बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करेगी। साथ ही आग में नष्ट हुई बच्चों की शैक्षणिक सामग्री की भरपाई का भी हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
