नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के बड़े कमर्शियल खरीदारों को राहत देते हुए रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर लगी अस्थायी पाबंदियों को 1 जुलाई से हटाने का फैसला किया है।
सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, अब कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहक भी पहले की तरह रिटेल आउटलेट्स से पेट्रोल और डीजल खरीद सकेंगे।
सरकार ने ये पाबंदियां इसी महीने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों और एहतियाती कदम के तौर पर लागू की थीं। उस समय कमर्शियल ग्राहकों को रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं थी और उन्हें केवल अधिकृत बल्क सप्लायर्स से ही पेट्रोल-डीजल लेने के निर्देश दिए गए थे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश में अब पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य हो चुकी है और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है। हालात में सुधार होने के बाद इन अस्थायी प्रतिबंधों की अब आवश्यकता नहीं रही, इसलिए इन्हें 1 जुलाई से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि ये पाबंदियां 12 जून को लागू की गई थीं। उस दौरान इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को रिटेल फ्यूल स्टेशनों से पेट्रोल और डीजल खरीदने से रोक दिया गया था, ताकि ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जा सके।
1 जुलाई से व्यावसायिक खरीदारों के लिए रिटेल स्टेशनों से पेट्रोल और डीजल खरीदने के रास्ते फिर से खुल जाएंगे और डीजल खरीद की दैनिक सीमा भी खत्म हो जाएगी। इससे कमर्शियल ट्रांसपोर्टरों और उद्योगों को अपनी जरूरत के हिसाब से ईंधन जुटाने में मदद मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक और व्यावसायिक गतिविधियां पहले की तरह सुचारू रूप से चल सकेंगी।
