नाहन : मानसून के दौरान नाहन शहर को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए इस बार जलशक्ति विभाग ने पहले ही बड़ी तैयारी कर ली है। करीब 50 हजार आबादी को पानी उपलब्ध कराने वाली गिरि पेयजल योजना को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए विभाग 10 दिन का विशेष शटडाउन ले रहा है। इस दौरान शहर में पानी की आपूर्ति एक दिन छोड़कर की जाएगी।
जलशक्ति विभाग 9-10 जुलाई से 20 जुलाई तक गिरि पेयजल योजना के रामा और धौण क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित स्लाइडिंग जोन में राइजिंग मेन (पाइपलाइन) को बदलेगा। इस दौरान करीब 10 से 12 पाइपों को हटाकर नई लाइन से जोड़ा जाएगा, ताकि बरसात में बार-बार पाइप फटने और पानी की आपूर्ति बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
फिलहाल नाहन शहर को गिरि पेयजल योजना के अलावा खैरी और नेहर स्वार योजनाओं से भी पानी मिल रहा है। मरम्मत कार्य के दौरान इन्हीं दोनों वैकल्पिक योजनाओं के माध्यम से शहर में पेयजल आपूर्ति जारी रहेगी। हालांकि, पानी की सप्लाई एक दिन छोड़कर होगी, जिसके लिए विभाग ने विस्तृत शेड्यूल तैयार कर लिया है।
जलशक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता ई. राजीव महाजन ने बुधवार को मीडिया के साथ विभागीय प्लान को साझा किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले मानसून में रामा-धौण क्षेत्र में लगातार भूस्खलन के कारण पाइपलाइन कई बार क्षतिग्रस्त हुई थी। इससे विभाग को बार-बार मरम्मत करनी पड़ी और लोगों को भी पानी की किल्लत झेलनी पड़ी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार बारिश के चरम दौर से पहले ही स्थायी समाधान की दिशा में यह काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान विभाग का पूरा तकनीकी अमला मौके पर तैनात रहेगा और दिन-रात काम कर इसे निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्य के दौरान योजना के दो ही ज्वाइंट जोड़ने हैं और 10 से 12 पाइपें डिस्मेंटल की जानी हैं। रामा और धौण क्षेत्र में पुरानी वाली लाइन को कट करके नई वाली लाइन से जोड़ना है।
अधीक्षण अभियंता ने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मरम्मत अवधि में पानी का सोच-समझकर उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। साथ ही इस दौरान निर्माण कार्य भी अस्थायी रूप से रोकने का आग्रह किया, ताकि उपलब्ध पानी का उपयोग घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शटडाउन के बावजूद लोगों को आवश्यक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास रहेगा।
उन्होंने बताया कि गिरि पेयजल योजना से प्रतिदिन लगभग 35 से 36 लाख लीटर, खैरी योजना से करीब 12 लाख लीटर और नेहर स्वार योजना से 12 से 14 लाख लीटर पानी नाहन शहर को उपलब्ध कराया जा रहा है। खैरी योजना का उपयोग आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में किया जाता है।
राजीव महाजन ने बताया कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच विभाग ने जिले में ऐसे कई संवेदनशील स्थान चिन्हित किए हैं, जहां हर मानसून में जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित होती हैं। इन योजनाओं को वैकल्पिक स्रोतों से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अधिक जोखिम है, वहां प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था रखी गई है। हालांकि विभाग का प्रयास यही है कि ऐसी स्थिति ही उत्पन्न न हो और लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति मिलती रहे।
