नई दिल्ली : नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्रों के तीव्र आक्रोश और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतरे छात्र लंबे समय से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
युवाओं को संबोधित एक भावुक पत्र में अपने त्यागपत्र की घोषणा करते हुए प्रधान ने लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर के माहौल का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे और छात्र किसी कानूनी पचड़े में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई व करिअर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को हुई परीक्षा में गड़बड़ी सामने आते ही सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामला सीबीआई को सौंपा, परीक्षा रद्द की और आगामी वर्षों में पारदर्शिता के लिए इसे कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने का फैसला किया। 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा आयोजित कर 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए, जिनमें गरीब पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।
प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले ही दिन से इस स्थिति की जिम्मेदारी ली थी और उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी बच्चे का भविष्य खराब न हो। हालांकि, इस दौरान जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने के प्रयासों से उनका मन व्यथित हुआ।
उन्होंने लिखा, मैं हमेश हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।
इससे पूर्व, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग उठाई थी। शिक्षा मंत्री के इस कदम के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का यह बड़ा आंदोलन समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफा ले सकते हैं। लोकतंत्र में डरें नहीं।”
