GST में 46.81 करोड़ की कर चोरी मामलों का खुलासा, दक्षिण जोन परवाणू प्रवर्तन विंग की बड़ी कार्रवाई

जीएसटी, प्रवर्तन, करदाता सेवाएं और संबद्ध कर के संयुक्त आयुक्त जी.डी. ठाकुर की निगरानी में दक्षिण क्षेत्र परवाणू के प्रवर्तन विंग के अधिकारी उप आयुक्त-ईएनएफ भूपराम, एसी-ईएनएफ तुलसी राम राणा, हंसराज, एसी ईएनएफ विपिन पोसवाल, ध्यान सिंह एसटीईओ, मनोज सचदेवा ईएसटीईओ, एएसटीईओ मानवेंद्र और एएसटीईओ दिग्विजय ने इस मामले में विशेष तौर कर कार्य किया.

0

सोलन/नाहन|
हिमाचल प्रदेश आबकारी विभाग के पुनर्गठन के बाद दक्षिण जोन परवाणू प्रवर्तन विंग ने जीएसटी (GST) के तहत 46,81,25,683 रुपए की कर चोरी का बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में 12 स्टोन क्रशरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें 3,45,76,155 रुपये की टैक्स चोरी के मामले शामिल हैं. इनमें से 57,17,236 रुपये की राशि पहले ही जमा कर दी गई है, जबकि अंतिम आदेश अभी भी लंबित हैं.

इसके अलावा दो दर्जन से अधिक स्टोन क्रशरों की जांच टैक्स अनुपालन में कमी के मामले में की जा रही है. 6 मामलों में अंतिम आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें 90 दिनों के भीतर संबंधित राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. इसमें 15,01,05,663 रुपए की राशि शामिल है. इसके अलावा जीएसटी के तहत 38,93,39,905 रुपए के मामले में नोटिस जारी किए गए हैं. स्टोन क्रशर के अलावा स्टील, स्क्रैप, लैड/बैटरी के करदाता भी उपरोक्त मामलों में शामिल हैं.

ये भी पढ़ें:  HRTC की बस में अब फ्री सफर के लिए 'हिम बस कार्ड' बनवाना जरूरी, जानें क्या है प्रक्रिया

इसमें दक्षिण जोन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 12 क्रशरों को कुल 3,45,76,155 रुपए की राशि के नोटिस जारी किए गए हैं. इसमें स्टोन क्रशर ने केवल नोटिस जारी करने के साथ ही 57,17,236 रुपए की राशि जमा करवा दी है, जबकि अंतिम आदेश अभी प्रक्रियाधीन है.

विभाग के अनुसार कॉमन पोर्टल पर मामलों को रोकने के बाद जीएसटी के तहत 38,93,39,905 रुपए के नोटिस जारी किए गए हैं. जीएसटी के तहत एक दर्जन करदाताओं से संबंधित 600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की जांच जारी है. इसके लिए विभिन्न चरणों में अंतरराज्यीय जांच भी चल रही है.

ये भी पढ़ें:  माजरा प्रकरण : हेड कांस्टेबल पर जानलेवा हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, छठी गिरफ्तारी

जीएसटी, प्रवर्तन, करदाता सेवाएं और संबद्ध कर के संयुक्त आयुक्त जी.डी. ठाकुर की निगरानी में दक्षिण क्षेत्र परवाणू के प्रवर्तन विंग के अधिकारी उप आयुक्त-ईएनएफ भूपराम, एसी-ईएनएफ तुलसी राम राणा, हंसराज, एसी ईएनएफ विपिन पोसवाल, ध्यान सिंह एसटीईओ, मनोज सचदेवा ईएसटीईओ, एएसटीईओ मानवेंद्र और एएसटीईओ दिग्विजय ने इस मामले में विशेष तौर कर कार्य किया.

ध्यान सिंह एसटीईओ ने विशेष रूप से स्टोन क्रशर इकाइयों पर काम किया, जहां स्टोन क्रशर मालिक पिछले 5 वर्षों से टैक्स चोरी के मामले में अपने टैक्स बकाया जमा करने में सहयोग कर रहे हैं.

दरअसल, इस मामले में राज्यकर और उत्पाद शुल्क विभाग के आयुक्त यूनुस खान आईएएस से खनन डेटा मांगा गया था, जिसे उन्होंने उपलब्ध कराया. इसके आधार पर स्टोन क्रशर मालिक अपने रॉयल्टी शुल्क और अन्य जीएसटी लेवी के सही खाते जमा कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें:  सीएम सुक्खू के निर्देश : प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों का पूरा डेटा 20 जनवरी तक हिम परिवार पोर्टल से जोड़े विभाग

जीएसटी, प्रवर्तन, करदाता सेवाएं और संबद्ध कर परवाणू के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही और अद्यतन जानकारी प्रदान की जाएगी. आगामी दिनों में 100% स्टोन क्रशर और ब्रिक किल्न इकाइयों की जीएसटी भुगतान में गैर-अनुपालन के लिए जांच की जाएगी.