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लक्ष्य तय करें, डर को पीछे छोड़ें और निरंतर प्रयास से सफलता की ओर बढ़ें: राजेश धर्माणी

मंत्री राजेश धर्माणी ने शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

घुमारवीं (बिलासपुर) : नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने पहले सत्र में बी.ए., बी.एस.सी. तथा बी.काॅम. के विद्यार्थियों तथा दूसरे सत्र में बीबीए, बीसीए तथा बीवाक के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक पल का आनंद लेते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।

पहले सत्र में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सर्वप्रथम रूचि के अनुसार लक्ष्य का निर्धारण करें। जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितयों का भी डटकर मुकाबला करते हुए जिंदगी के प्रत्येक पल का आनंद लें। सर्वांगीण विकास के लिए महाविद्यालय में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में निरंतर भागीदारी सुनिश्चित बनाएं। इससे न केवल आत्मविश्वास मजबूत होगा, बल्कि उन्हें नया सीखने का भी अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति अलग है तथा उसके भीतर कोई न कोई खूबी मौजूद रहती है, जिसे पहचान कर निरतंर आगे बढ़ने को प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं का स्वाॅट एनालिसिस करने को भी प्रेरित किया, जिसके तहत वह स्वयं की ताकत, कमजोरियों, अवसर तथा खतरों का पता लगाकर लक्ष्य के प्रति एक बेहतरीन नजरिया विकसित कर सकते हैं।

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तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थी केवल शिक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक ही सीमित न रहें बल्कि अर्जित ज्ञान की व्यावहारिक उपयोगिता पर भी फोकस करें। उन्होंने कहा कि आज का दौर तकनीकी ज्ञान का है तथा मोबाईल तकनीक तथा एआई टूल्स का इस्तेमाल ज्ञान को बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि योग्य तथा हुनरमंद युवा समाज का एक अहम एसेट्स है। ऐसे में वह स्वयं को सक्षम तथा आत्मनिर्भर बनाएं ताकि परिवार के साथ-साथ समाज व देश के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रत्येक कार्य महत्वपूर्ण है तथा कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। हमें जिंदगी को बेहतर बनाने वालों के प्रति भी आभार जताना चाहिए।

काॅलेज विद्यार्थी अंबिका ने डर को लेकर अपना प्रश्न मंत्री के समक्ष रखा। वह कहती हैं कि फियर ऑफ मिसिंग आउट ‘फोमो’ की जगह स्वयं को जाॅय ऑफ मिसिंग आउट ‘जोमो’ में देखना चाहती है, लेकिन डर के कारण वह ऐसा नहीं कर पाती हैं। मंत्री राजेश धर्माणी ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वह डर को अपने पास न रखें, इसके लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करें, कैलेंडर बनाएं तथा लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लग्नता व मेहनत के साथ निरंतर प्रयासरत रहे। साथ ही मन से इस बात के डर को निकाल दें, कि दूसरा आपसे बेहतर है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य में स्पष्टता रखें तथा लगातार प्रयासरत रहें।

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इसी बीच उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए काॅलेज में विभिन्न सामाजिक कौशल विकास के लिए विभिन्न तरह के क्लब स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल गतिविधि में भी शामिल होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से वह न केवल शारीरिक तौर पर स्वस्थ रहेंगे बल्कि मानसिक विकास भी बेहतर होगा तथा खेल के मैदान से बहुत सी नई बाते सीखने को मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि वह अपने बारे में दूसरों की स्वीकृति लेने से बचें। निरंतर अच्छे कर्म करते रहें, जो उन्हें तय लक्ष्य की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा जीवन में आगे बढ़ने का कोई शाॅर्टकट नहीं होता है, धीरे-धीरे आगे बढ़ने में प्रयासरत रहें तथा धीरज व धैर्य रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाईड की गतिविधियों में भी स्वयं को शामिल करने का आह्वान किया।

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