नाहन : तीन राज्यों की सीमाओं से सटे जिला सिरमौर में तेजी से अवैध नशे का कारोबार बढ़ रहा है. अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 50 दिन के भीतर सिरमौर पुलिस ने एनडीपीएस में 33 केस दर्ज किए हैं, जिनमें 47 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. इनमें 43 पुरुष व 4 महिलाएं शामिल हैं.
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इन मामलों में अब तक पुलिस 125 ग्राम चिट्टा बरामद कर चुकी है. इसके साथ साथ एनडीपीएस के अन्य मामलों में पुलिस ने 14.544 किलोग्राम चरस, 1.035 किलोग्राम अफीम, 13.996 किलोग्राम चूरापोस्त, 2.155 किलोग्राम गांजा, 112 कैप्सूल, 4 शीशियों सहित 92,120 रुपये की नकदी भी बरामद की है.
पुलिस से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष जिला पुलिस ने चिट्टे में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की है. 2025 में अब तक जिला पुलिस ने चिट्टे की बरामदगी के अधिकतर मामले नाहन और पांवटा साहिब के शहरी इलाकों में पकड़े हैं. हालांकि, कुछेक मामले अन्य पुलिस थानों के अंतर्गत भी दर्ज हुए हैं.
बाहरी राज्यों के चिट्टा गिरोह के निशाने पर सिरमौर
जिला सिरमौर भी बाहरी राज्यों के चिट्टा गिरोह के निशाने पर है. इनके चंगुल में फंसकर युवा बर्बाद हो रहा है. एक के बाद एक चिट्टे में संलिप्त युवाओं की गिरफ्तारी के मामले सामने आ रहे हैं. पुलिस हरेक मामले में बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है, ताकि चिट्टा तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश कर इस अवैध कारोबार पर शिकंजा कसा जा सके.
बता दें कि जिला सिरमौर की 225 किलोमीटर में से 223 किलोमीटर की सीमा उत्तराखंड और हरियाणा के साथ सटी है, जबकि 2 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश को भी छूता है. ये भी एक बड़ी वजह है कि इस जिला में नशे का कारोबार काफी बढ़ रहा है.
चिट्टे के सेवन के लिए सीरिंजों का इस्तेमाल
इस वर्ष पकड़े चिट्टे से संबंधित मामलों में यह बात भी सामने आई है कि इसका सेवन करने के लिए सीरिंजों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इस समयावधि में पुलिस ने आरोपियों के पास से 49 सीरिंज भी बरामद की हैं, जो इस बात की गवाही दे रही है कि चिट्टा सेवन के लिए युवा सीरिंज का प्रयोग कर न केवल अपनी जिंदगी बल्कि शरीर के साथ भी बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं.
अन्य नशीले पदार्थों की भी तस्करी
जिला में चिट्टे के अलावा अन्य नशीले पदार्थों की भी अवैध तरीके से हो रही है. इसमें चरस, गांजा, अफीम, चूरापोस्त, नशीली दवाएं आदि भी शामिल हैं. हालांकि पुलिस हर तरह के नशे पर निरंतर शिकंजा कस रही है, लेकिन यह जिला अंतरराज्यीय सीमा पर सटा है. लिहाजा, यहां नशीले पदार्थों की रोकथाम चुनौतीपूर्ण भी बना है.
जिला पुलिस लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. चिट्टे की सप्लाई बाहरी राज्यों से हो रही है, जिसकी रोकथाम को लेकर पुलिस योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है. चाहे चिट्टा हो या फिर अन्य कोई भी नशीला पदार्थ, इसकी तस्करी और इसका सेवन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
– योगेश रोल्टा, एएसपी सिरमौर
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