नाहन : विकास खंड नाहन की रामाधौण और धगेड़ा पंचायतों में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। रामाधौण पंचायत के कन्यौण गांव में लोगों की जमीन नदी के तेज बहाव में बह गई। इसके साथ साथ धौण संदूरिया-कन्यौण-पंजाहल संपर्क सड़क पर तीन पंचायतों को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
इससे सैर बड़ोन, सनोगा बगड़ात और रेन पिरगड़ी आदि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, धगेड़ा पंचायत में चार से पांच परिवारों के घर-मकानों को क्षति हुई है। इन पंचायतों में करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।
बारिश से प्रभावित गांवों को बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने बीडीसी सदस्य वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने मौके का दौरा किया। उन्होंने बताया कि कन्यौण गांव में स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है। यहां करीब 25 से 30 परिवारों की कम से कम 100 बीघा जमीन नदी के तेज बहाव में बहकर पूरी तरह नष्ट हो गई है।
बारिश के कारण गांव के लिए बनाए गए दो छोटे पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें एक पुल एससी बस्ती धौण को जोड़ता है। इन पुलों का इस्तेमाल छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए किया जाता था। पुल टूटने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। धगेड़ा पंचायत में भी कुछ मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जबकि कुछ घर मलबे की चपेट में आए हैं। बारिश से गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है और लिंक रोड भी अवरुद्ध हो गए हैं।
बीडीसी सदस्य वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि धगेड़ा का संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित क्षेत्र में नदी के तेज बहाव से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है और हालात लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कन्यौण गांव के ऊपर से बहने वाला खड्ड आगे जाकर मरकंडा नदी में मिलता है। बरसात के दौरान इस खड्ड में पानी का बहाव काफी बढ़ गया। यदि समय रहते इसके बहाव को नियंत्रित करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले समय में कई घरों और जमीन को और नुकसान हो सकता है।
इस दौरान उनके साथ प्रभावित किसान ओमप्रकाश, मदन सिंह, संदीप, रिंकू, नरेश कुमार, बलवीर सिंह, राजेंद्र और रमेश आदि ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने सरकार से प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द राहत एवं बचाव कार्य करवाने और ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
