होमEducationकोटी स्कूल में CBSE शुरू होते ही बढ़े दाखिले, 90 नए विद्यार्थियों...

कोटी स्कूल में CBSE शुरू होते ही बढ़े दाखिले, 90 नए विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश, 300 के करीब पहुंची संख्या

कोटी विद्यालय जुंगा तहसील का पहला सीबीएसई विद्यालय है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

शिमला : पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटी में सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम शुरू होने के बाद विद्यार्थियों के दाखिलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2026 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पाठ्यक्रम अपनाने वाले इस विद्यालय में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 90 नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

इसके साथ ही विद्यालय में विद्यार्थियों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 300 हो गई है। कोटी विद्यालय जुंगा तहसील का पहला सीबीएसई विद्यालय है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य शीतल चौहान ने बताया कि सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने से अभिभावकों का सरकारी विद्यालय के प्रति विश्वास बढ़ा है। इसका असर विद्यार्थियों के दाखिलों में भी देखने को मिल रहा है।

ये भी पढ़ें:  मताधिकार का प्रयोग करने वाला सही मायनों में राष्ट्र का सच्चा नागरिक: DC प्रियंका वर्मा

उन्होंने बताया कि सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत विद्यालय में पढ़ाई के साथ विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जिनमें एक भारत श्रेष्ठ भारत, वीर गाथा प्रोजेक्ट, साइंस एवं आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग, हेरिटेज क्विज और फिट इंडिया जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में अनुशासन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। विद्यालय के शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड का नियमित पालन कर रहे हैं। इससे शिक्षकों में एकरूपता, व्यावसायिक गरिमा और सामूहिकता की भावना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:  राजनीतिक शास्त्र शिक्षक भर्ती का रिजल्ट जारी, 239 अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया

उन्होने बताया कि सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल रहे हैं। इससे अभिभावकों को निजी स्कूलों की महंगी फीस से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई विद्यार्थियों को जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक अवधारणाएं समझने में मददगार साबित हो सकती है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में सरकार की ओर से अधिकांश पद भरे गए हैं, जबकि वर्तमान में तीन पद रिक्त हैं। इनमें प्रवक्ता हिंदी, प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा और टीजीटी का एक-एक पद शामिल है। विद्यालय में बढ़ते दाखिले इस बात का संकेत हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावकों का भरोसा मजबूत हो रहा है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल में सड़क कनेक्टिविटी बहाल होने के बाद होंगे पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव!
Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Desk
"आपकी बात न्यूज़" एक लोकप्रिय हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है, जो राजनीति, समसामयिक घटनाओं, मनोरंजन, खेल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर ताजे अपडेट्स प्रदान करता है।

Latest Articles

Explore More